देहरादून। प्रधानमंत्री मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर देशभर में लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह का सरगना एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को दो साल पहले भी फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका था। जमानत पर बाहर आकर उसने फिर से कॉल सेंटर खोला और ठगी शुरू कर दी।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों एसटीएफ ने इस गिरोह के दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पता चला था कि गिरोह को दीपक राज शर्मा निवासी छोटेपट्टी, थाना दोस्तपुर, जिला सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश चलाता है। दीपक राज शर्मा की लगातार एसटीएफ तलाश कर रही थी। इसी बीच पता चला कि वह मथुरा में छिपा है। पुलिस ने आरोपी शर्मा को वृंदावन मथुरा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 13 मोबाइल, सात डेबिट कार्ड और लाखों रुपये के हिसाब वाली डायरी मिली है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह 12वीं तक पढ़ा है। काम के सिलसिले में 2015 में देहरादून आया था। यहां पर उसने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी शुरू कर दी। इसके बाद एक कॉल सेंटर में काम करने लगा।
इस कॉल सेंटर में विभिन्न कंपनियों के मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर ठगी की जाती थी। यह काम सीखकर उसने खुद ही ठगी करने की ठान ली। वर्ष 2015 में उसे सेलाकुई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जमानत पर बाहर आया तो उसने 2022 में अनुराग चौक पर अपना कॉल सेंटर शुरू कर दिया। यहां से वह मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने लगा।
इसकी भनक साइबर थाना पुलिस को लगी तो 2022 में भी उसे अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया। एक महीने बाद उसे जमानत मिल गई। इसके बाद वह जून 2023 में फिर देहरादून आ गया और फिर से कॉल सेंटर खोलकर लोगों को ठगने लगा।
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10 युवाओं को रखा था नौकरी पर
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने इस काम के लिए 10 युवाओं को नौकरी पर रखा था। ये युवा लोगों को फोन कर उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे। इस तरह वह हर महीने सात से आठ लाख रुपये कमाते थे। इस रकम में से आधी रकम वह खुद रखता था और आधी बाकी सभी सदस्यों को दे देता था। इस रकम से उसने सुद्धोवाला में दो प्लॉट खरीदे थे और एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान भी खोली थी। एसएसपी ने बताया कि आरोपी की संपत्तियों के बारे में भी पता किया जा रहा है। जल्द ही उसके खिलाफ गैंगस्टर में भी कार्रवाई की जाएगी।
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