चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी साम, दाम, दंड, भेद सहित सारे दांव अपनाते हैं। एक गुप्त दांव ऐसा भी खेला जा रहा है, जिससे प्रत्याशियों को मतदाताओं के बीच जाने की भी जरूरत नहीं है।
प्रत्याशी अपनी जीत के साथ ही अपने विरोधियों की हार के लिए भी विशेष अनुष्ठान करा रहे हैं। इसके लिए बाहर से विशेषज्ञ पंडित बुलाए गए हैं। धर्मनगरी के कई मंदिरों में इन दिनों विनाशकारी यज्ञ चल रहे हैं।
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता पिछले चार जनवरी को लगी, लेकिन दावेदारों ने साल भर पहले से तैयारियां शुरू कर दी थी।