प्रमुख मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन के क्रम में देहरादून के वकीलों ने मंगलवार को राजभवन कूच किया। बार एसोसिएशन से जुड़े करीब 1300 वकील जुलूस की शक्ल में कचहरी से राजभवन के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें कनक चौक पर ही रोक लिया। इस दौरान वकीलों और पुलिस के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। इसके बाद राज्यपाल के प्रतिनिधि के रूप में वहां पहुंचे एक प्रशासनिक अधिकारी ने अधिवक्ताओं से उनकी मांगों से संबंधी ज्ञापन लिया।
अधिवक्ता लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इसी क्रम में मंगलवार को देशभर के वकील न्यायिक कार्यों से विरत रहे और प्रदर्शन किया। देहरादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल के नेतृत्व में करीब 1300 अधिवक्ता जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने को कचहरी से निकले। इस दौरान उन्होंने मौजूदा सरकारों से उनकी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। वकीलों के जुलूस को पुलिस ने पहले दून चौक पर रोकने का प्रयास किया, मगर असफल रही। इसके बाद पुलिस ने कनक चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इस दौरान अधिवक्ताओं और पुलिस की तीखी नोक-झोंक भी हुई। कुछ अधिवक्ता बैरिकेडिंग पार करने में कामयाब भी रहे, मगर साथियों के आग्रह करने पर वापस आ गए। इसके बाद वहां राज्यपाल के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी को अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल, सचिव अनिल शर्मा, प्रकाश टी पाल, संजीव शर्मा, रजिया बेग, चंद्रपाल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
ये हैं वकीलों की प्रमुख मांगें
- नए अधिवक्ताओं को पांच साल तक 10 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाए।
- अधिवक्ताओं को न्यायालय परिसर के आसपास ही चेंबर उपलब्ध कराए जाएं।
- अधिवक्ताओं को देश और विदेश में मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- ट्रिब्यूनलों में रिटायर्ड जज के स्थान पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं को नियुक्त किया जाए।
- प्रत्येक अधिवक्ता का 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कराया जाए।
- शारीरिक रूप से अक्षम हो चुके अधिवक्ताओं के लिए पेंशन की व्यवस्था की जाए।
चमोली जिले के अधिवक्ताओं ने न्याय भवन परिसर से कलक्ट्रेट परिसर तक जुलूस-प्रदर्शन कर सांकेतिक धरना दिया। जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के अधिवक्ता कार्य से विरत रहे। पूर्वाह्न ग्यारह बजे अधिवक्ताओं ने न्याय भवन से कलक्ट्रेट परिसर तक हमारी मांगे पूरी करो.., अधिवक्ता एकता जिंदाबाद.. के नारे नारे लगाकर प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट परिसर में धरनास्थल पर बार संघ के अध्यक्ष नंदन बिष्ट और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश पुजारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के सेवानिवृति के बाद केंद्र व राज्य सरकार के किसी भी कमीशन अधिकारी को नियुक्त न किया जाए। इन संवैधानिक पदों पर योग्य अधिवक्ताओं को नियुक्त किया जाए। अधिवक्ताओं और उनके आश्रितों को बीस लाख तक का बीमा लाभ दिया जाए।
कनिष्ठ अधिवक्ताओं को पांच वर्ष तक कम से कम दस हजार रुपये आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने समस्त अधिवक्ताओं से एकजुटता का आह्वान किया। इस मौके पर कुलदीप नेगी, भगवान सिंह चौहान, सतीश सेमवाल, ज्ञानेंद्र खंतवाल, दिलवर सिंह, समीप बहुगुणा, मनोज भट्ट, सत्यप्रकाश सती, नीलम सिंह नेगी, रैजा चौधरी, राजेश्वरी रावत, भोपाल सिंह, किशन सिंह फरस्वाण आदि मौजूद थे।