उन्होंने बताया कि सभी के खिलाफ नगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 133 के तहत केस दर्ज कराया गया है। नगर मजिस्ट्रेट ने सभी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
गंगा को प्रदूषित करने पर सीआरपीसी की धारा 133 के अंतर्गत नकद जुर्माना और कारावास का प्रावधान है। जानकारों की मानें तो गंगा में प्रदूषण फैलाने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा कम से कम एक महीने तक की सजा को सकती है।