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घोटाले के आरोप में जेल में बंद डा. मृत्युंजय मिश्रा पर आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा भी दर्ज

Tue, 07 May 2019 08:24 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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डा. मृत्युंजय मिश्रा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हुए वित्तीय घोटाले के मामले में जेल में बंद पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा भी दर्ज हो गया है। घोटाले की जांच में करीब 12 करोड़ की संपत्ति पकड़ में आने के बाद विजिलेंस ने शासन से अनुमति मांगी थी। विजिलेंस ने अनुमति मिलते ही मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि वित्तीय घोटाले में हाईकोर्ट से मिश्रा की जमानत याचिका नामंजूर हो चुकी है।

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आयुर्वेद विश्वविद्यालय घोटाले में चार दिसंबर से जेल में बंद पूर्व कुलसचिव मृृत्युंजय मिश्रा पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। विजिलेंस ने वित्तीय घोटाले के साक्ष्याें का संकलन करने के बाद दो मार्च को मिश्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। 4700 पेज की चार्जशीट में 73 गवाह बनाए गए हैं। इस दौरान विजिलेंस ने खुलासा किया था कि जांच के दौरान मृत्युंजय मिश्रा और उनके परिवार के नाम देहरादून और दिल्ली में करीब 12 करोड़ की संपत्ति का पता चला है।

जो सीधे तौर पर आय से अधिक संपत्ति का मामला बनता है। विजिलेंस ने इसी आधार पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए शासन से अनुमति मांगी थी। दो माह बाद शासन ने अनुमति मिलने पर विवेचक प्रदीप पंत ने पूर्व कुलसचिव मृत्युजंय मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। 
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चार के खिलाफ विवेचना विचाराधीन
आयुर्वेद विवि घोटाले में मृत्युंजय मिश्रा तो जेल में हैं, जबकि उनकी पत्नी श्वेता तिवारी ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे हासिल कर लिया है। श्वेता के अलावा फर्म मालिक नूतन रावत, शिल्पा त्यागी और मिश्रा के कार चालक के खिलाफ विवेचना जारी है।

 

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क्या था पूरा मामला

आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कुलसचिव रहते हुए मृत्युंजय मिश्रा पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे। शासन के आदेश पर हुई विजिलेंस की खुली जांच में एक करोड़ रुपये के करीब का घपला सामने आया था। साक्ष्यों के आधार पर विजिलेंस ने 17 नवंबर को मिश्रा, उनकी पत्नी श्वेता मिश्रा, फर्म शिल्पा त्यागी, नूतन रावत और मिश्रा के कार चालक के खिलाफ धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 420(धोखाधड़ी), 467, 468 व 471(कूटरचना से संबंधित) और भ्रष्टाचार उन्मूलन की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विजिलेंस ने तीन दिसंबर को मृत्युंजय मिश्रा को ईसी रोड स्थित एक कैफे से गिरफ्तार किया था। 

स्टिंग ऑपरेशन में भी फंसे हैं मिश्रा
मुख्यमंत्री और उनके करीबियों के स्टिंग ऑपरेशन के मामले में भी मृत्युंजय मिश्रा आरोपी हैं। एक चैनल के एडीटर इंवेस्टगेशन आयुष गौड़ द्वारा राजपुर थाने में दर्ज मुकदमे में चैनल सीईओ उमेश कुमार शर्मा के साथ मृत्युंजय मिश्रा को भी नामजद कराया गया था।

पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
-आबूधई सेंथिल, एसएसपी विजिलेंस 
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