आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कुलसचिव रहते हुए मृत्युंजय मिश्रा पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे। शासन के आदेश पर हुई विजिलेंस की खुली जांच में एक करोड़ रुपये के करीब का घपला सामने आया था। साक्ष्यों के आधार पर विजिलेंस ने 17 नवंबर को मिश्रा, उनकी पत्नी श्वेता मिश्रा, फर्म शिल्पा त्यागी, नूतन रावत और मिश्रा के कार चालक के खिलाफ धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 420(धोखाधड़ी), 467, 468 व 471(कूटरचना से संबंधित) और भ्रष्टाचार उन्मूलन की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विजिलेंस ने तीन दिसंबर को मृत्युंजय मिश्रा को ईसी रोड स्थित एक कैफे से गिरफ्तार किया था।
स्टिंग ऑपरेशन में भी फंसे हैं मिश्रा
मुख्यमंत्री और उनके करीबियों के स्टिंग ऑपरेशन के मामले में भी मृत्युंजय मिश्रा आरोपी हैं। एक चैनल के एडीटर इंवेस्टगेशन आयुष गौड़ द्वारा राजपुर थाने में दर्ज मुकदमे में चैनल सीईओ उमेश कुमार शर्मा के साथ मृत्युंजय मिश्रा को भी नामजद कराया गया था।
पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-आबूधई सेंथिल, एसएसपी विजिलेंस