अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज और निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी महाराज के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर में दर्ज मुकदमे का मामला मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच गया है।
संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार रात देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और बिना जांच कराए मुकदमा दर्ज करने पर आपत्ति दर्ज कराई। काफी देर तक चली वार्ता के दौरान सीएम ने प्रभावी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज और महंत रविंद्रपुरी समेत कई लोगों के खिलाफ निरंजनी अखाड़े के महंत रामानंदपुरी ने धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से संत समाज में रोष है। कई संत इस मुकदमे को झूठा और निराधार बताते हुए निरस्त करने की मांग कर चुके हैं। संतों ने इसको लेकर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से भी बात की।
शनिवार रात शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की मौजूदगी में संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान संतों ने मुकदमे का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल कालीपीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि मुख्यमंत्री से विस्तार से वार्ता हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता करेंगे।
उन्होंने निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई कराने का भरोसा दिया है। प्रतिनिधिमंडल में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि, स्वामी हरिहर गिरि, स्वामी नारायण गिरि, स्वामी प्रेमगिरि आदि शामिल रहे।