एडीजे चतुर्थ की कोर्ट में किशोरी के बयान दर्ज कराए गए थे। उसके बाद किशोरी को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया था। समिति ने किशोरी को श्रीराम आश्रम (अनाथालय) में भेज दिया था। तब से किशोरी वहीं है।
किशोरी के पिता हेम चंद्र दानी (निवासी पदमपुरी नैनीताल) ने महिला जज को क्लीन चिट देते हुए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने की बात कही थी। हालांकि, कई तकनीकी पेचीदगी के चलते किशोरी से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी।
हाईकोर्ट ने एसएसपी कृष्ण कुमार वीके को इस संबंध में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। सोमवार शाम एएसपी रचिता जुयाल की ओर से निलंबित महिला जज के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 (किसी व्यक्ति का दास के तौर पर इस्तेमाल करना) और धारा 323 (मारपीट) के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि महिला जज के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।