उन्होंने कहा कि बैनामे का वक्त आने के बाद भी रंजना राठौर बैनामा करने तहसील नहीं आई। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई और पता चला कि उक्त भूखंड का पहले ही बैनामा उसने शायरा रिजवी पत्नी आईए रिजवी निवासी शिवालिक नगर और फैसल निवासी भेल से किया हुआ है।
कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि इस संबंध में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। भगवानदास राठौर हरिद्वार और खुर्जा से सांसद रह चुके हैं और वर्ष 2004 में बसपा के लोकसभा प्रत्याशी रहे हैं। जबकि उनका बेटा राजन राठौर वर्ष 2012 में ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुका है।