गिरफ्तार रविकांत अधिवक्ता राजेश सूरी हत्याकांड में नामजद बताया गया है। कई बड़े घोटालों को उजागर करने में अग्रणीय रहे सूरी की 29 नवंबर 2014 को हाईकोर्ट से लौटते वक्त ट्रेन में उनकी तबीयत खराब हो गई थी। अगले दिन शहर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हृदयघात बताकर विसरा संरक्षित किया गया था। पांच दिसंबर 14 को बहन रीता सूरी की शिकायत पर राजेश की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। हत्या में रविकांत आदि नामजद कराए गए। 28 अगस्त 2015 को विसरा की रिपोर्ट आई, जिसमें राजेश की मौत जहर के कारण होना बताया था।
डीजीपी ने तत्कालीन एसपी सिटी अजय सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसी फ ाइनल रिपोर्ट को रीता सूरी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीजेएम कोर्ट ने एसआईटी की रिपोर्ट को खारिज कर डीआईजी गढ़वाल को जांच के आदेश दिए थे। आईजी के निर्देश पर एसपी सिटी श्वेता चौबे के नेतृत्व में गठित टीम सूरी की हत्या की जांच कर रही है।
आरोपी के खिलाफ 18 मुकदमे दर्ज
गिरफ्तार रविकांत किरयाना का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास बताया गया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट, दस्तावेजाें में हेरीफेरी आदि के 18 मुकदमे दर्ज है। डालनवाला थाने से उसके खिलाफ गुंडा और गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई हुई। 2016 में एसटीएफ ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया था। उस समय वारंट की बात सामने नहीं आई थी।