स्वाइन फ्लू एक सीजनल इन्फ्लूएंजा है
डॉ. अशोक ने बताया कि स्वाइन फ्लू वाले मरीज अधिक गंभीर होते हैं तो उनमें फेफड़ों में इंफेक्शन, सांस लेने में परेशानी होने लगती है। हालांकि यह एक सीजनल इन्फ्लूएंजा है। इसमें मौसमी जुकाम और बुखार होता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी होता है। एक से दूसरे के संपर्क में आने पर यह वायरस बहुत जल्दी फैलता है।
10 साल से कम उम्र के बच्चे अधिक
स्वाइन फ्लू पॉजिटिव बच्चों में एक से 16 साल तक की उम्र के बच्चे आ रहे हैं, लेकिन अधिकतर बच्चे 10 साल से कम उम्र वाले पॉजिटिव आए हैं। इन बच्चों को पांच से छह दिन भर्ती रखना पड़ता है।
संक्रमित बच्चों को स्कूल न भेजें
डॉ. अशोक ने बताया कि अगर किसी बच्चे को स्वाइन फ्लू हुआ है तो उसे स्कूल न भेजें। इससे अन्य बच्चों को भी इंफेक्शन हो सकता है। बच्चों को सर्दी से बचा कर रखें। हालांकि फ्लू वैक्सीन इस तरह के इंफेक्शन से बचा सकती है।