बीएसएफ जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा तो कोहराम मच गया
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बीएसएफ जवान दीवान नाथ गोस्वामी का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव लाया गया तो गांव में कोहराम मच गया। सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान मौके पर डीएम वीके सुमन और एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, रामनगर के विधायक दीवान सिंह बिष्ट और एसडीएम परितोष वर्मा भी मौजूद रहे।
बीएसएफ जवान दीवान नाथ गोस्वामी चार दिन पहले शनिवार को मेघालय में गोली लगने से शहीद हो गए थे। बीएसएफ के जवान सुबह करीब सात बजे दिल्ली से दीवान नाथ का पार्थिव शरीर गांव छोई लेकर पहुंचे, जिससे गांव में सन्नाटा पसर गया और परिवार में चीख पुकार मच गई।
पार्थिव शरीर को देखते ही उनकी पत्नी बेहोश हो गई। किसी तरह परिवार के लोगों ने उन्हें संभाला। करीब साढ़े नौ बजे शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सैनिक सम्मान के साथ गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दीवान नाथ गोस्वामी पिछले चार साल से मेघालय में तैनात थे। उनका परिवार छोई गांव में रहता है। उनकी दो बेटियां और दो भाई हैं।
‘जवानों ने मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया’
दीवान नाथ गोस्वामी के छोटे भाई विजय नाथ ने बताया कि साथ आए जवानों ने उनके भाई की मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया। सभी का कहना था कि वह दिल्ली से आए हैं, मेघालय से जो जवान लेकर आए थे वे सभी लौट गए।
ग्रामीणों में गुस्सा
दीवान नाथ का पार्थिव शरीर लाने पर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्थिव शरीर को बिना बर्फ लगाए लाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पार्थिव शरीर को लाने में भी देरी की गई। दिल्ली से आए बीएसएफ के जवानों ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया।