कावड़ मेले की आस्था के सैलाब में पूरा हरिद्वार कांवड़मय नजर आया। चारों दिशाओं से भोले के जयकारे एवं उद्घोष सुनाई दिए।
हाईवे से चौपहिया-दुपहिया वाहनों के सैलाब की निकासी मंगलवार रात तक होती रही। गली कूंचों से भी दुपहिया वाहन फर्राटा भरते रहे। बड़ी संख्या में आमद भी होती रही। जबकि विशाल डाक कांवड़ वाहन रेंग-रेंग कर निकलते रहे।
कांवड़ मेले के आज (बुधवार) अंतिम दिन होने के चलते बड़ी संख्या में शिवभक्त धर्मनगरी में कांवड़ भरने पहुंचेंगे। ऐसे में पुलिस प्रशासन के सामने वाहनों को निकालने की चुनौती रहेगी। हरकी पैड़ी के छह किलोमीटर दायरे में कोई भी वाहन नहीं चलेगा।
पुलिस ने आखिरी दिन बदली रणनीति
अप्रत्याशित डाक कांवड़ वाहन के उमड़ने पर हरिद्वार पुलिस ने आखिरी दिन अपनी रणनीति बदली। आनन-फानन में हिल बाईपास मार्ग भी खुलवा दिया। उत्तरी हरिद्वार से दुपहिया वाहन को इस मार्ग पर डायवर्ट कर सीधे भेल की ओर निकाला। भेल से उनकी वापसी सिडकुल से करवाई।
ललतारौ पुल से दुपहिया वाहन पुराना औद्योगिक क्षेत्र मार्ग से भेल की ओर निकाले गए। हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर चौपहिया एवं दुपहिया वाहन एक साथ दौड़ते रहे।
हरिद्वार आ रहे दुपहिया वाहन रुड़की से कांवड़ पटरी होते हुए पहुंचे और अलकनंदा पार्किंग में पार्क कराए गए। बड़े डाक कांवड़ वाहन वाया लक्सर मार्ग होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग में पार्क कराए। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को दुपहिया वाहनों को निकालने की चुनौती रहेगी।