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Yamunotri Highway: स्यानाचट्टी में 10 घंटे बाद हुई आवाजाही सुचारू, श्रद्धालुओं ने ली राहत की सांस

Sun, 19 Jul 2026 10:14 AM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, बड़कोट(उत्तरकाशी)

सार

राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने ओजरी और पालीगाड के पास बंद पड़े मार्ग को करीब सात घंटे और स्यानाचट्टी में करीब 10 घंटे बाद यातायात बहाल किया गया।
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स्यानाचट्टी में रास्ता बंद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यमुनोत्री धाम क्षेत्र में शनिवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद रविवार सुबह यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर भूस्खलन, मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया था जो ओजरी और पालीगाड के पास करीब सात और स्यानाचट्टी में करीब 10 घंटे बाद खोला गया। हाईवे पर यातायात सुचारू होने के बाद स्थानीय लोगों और यमुनोत्री धाम जा रहे श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।

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राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने ओजरी और पालीगाड के पास बंद पड़े मार्ग को करीब सात घंटे और स्यानाचट्टी में करीब 10 घंटे बाद यातायात बहाल किया गया। एनएच के ईई मनोज रावत ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद यातायात सुचारू कर दिया गया है। संदीप राणा, मोहन सिंह पंवार, लोकेश चौहान आदि स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान यमुनोत्री हाईवे पर बार-बार भूस्खलन से यात्रा प्रभावित होना आम बात हो गई है। उनका आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों में लापरवाही के कारण हल्की बारिश में भी कई स्थानों पर मलबा आने लगता है जिससे लोगों और तीर्थयात्रियों को आए दिन परेशानी झेलनी पड़ती है।

इस बीच लगातार बारिश से हाईवे के ऊपर गीठ पट्टी के बाड़िया गांव के नीचे भू-धंसाव भी बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा और स्थायी उपचारात्मक कार्य नहीं किए गए तो भविष्य में गांव और आसपास का क्षेत्र खतरे की चपेट में आ सकता है। ऐसे में बरसात के मौसम में यमुनोत्री यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा कार्यों की जरूरत महसूस की जा रही है।
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केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालन बंद

प्रदेश में मौसम बिगड़ने से कई मार्ग बोल्डर व मलबा गिरने से बाधित रहे। इनमें केदारनाथ पैदल मार्ग भी है, फिलहाल पैदल यात्री संकरे मार्ग से आ-जा रहे हैं लेकिन घोड़ा-खच्चर संचालन पर रोक लगी है। चमोली में चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाले ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी मलबा गिरने से कुछ घंटे बाधित रहा।

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। चीरबासा के निकट पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण घोड़ा-खच्चर संचालन शुक्रवार सुबह से बंद कर दिया गया था जो शनिवार शाम तक जारी रहा। तीर्थयात्री जोखिम के बीच एक-दूसरे का हाथ पकड़कर संकरे मार्ग से आवाजाही कर रहे है। चमोली जिले में चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक दरककर हाईवे पर आ गिरा। इससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। इसके अलावा भी राज्य के तमाम मार्ग मलबा आने से बाधित रहे। उन्हें सुचारू करने में टीम जुटी हुई हैं।
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