केदारनाथ पैदल मार्ग में छोटी लिंचौली में शुक्रवार को रास्ता खुलते ही यात्रा सुचारु हो गई है। हालांकि शुक्रवार को भी दिन में कुछ देर के लिए प्रशासन को तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में यात्रा रोकनी पड़ी, लेकिन दोबारा यात्रा शुरू कर दी गई है, जिसके बाद सोनप्रयाग से 400 यात्री केदारनाथ रवाना हुए, जबकि 650 यात्री केदारनाथ से गौरीकुंड लौटे।
शुक्रवार को प्रशासन ने सुबह से ही रास्ता साफ करने के लिए लोनिवि डीडीएमए को निर्देश दिए, जिसके बाद त्वरित गति से मार्ग में मलबा हटाया गया। यहां एसडीआरएफ और पुलिस की मदद से यात्रियों की आवाजाही कराई गई।
प्रशासन और पुलिस ने यात्रियों से भी सजग रहते हुए यात्रा करने का अनुरोध किया है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि छोटी लिंचौली में रास्ता खोल दिया गया है। मौसम को देखते हुए यात्रा का संचालन किया जा रहा है। विभिन्न पड़ावों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया गया है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर छोटी लिनचौली में हुए भूस्खलन को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासन भूगर्भीय सर्वेक्षण कराएगा। बृहस्पतिवार 3 बजकर 30 मिनट पर लिनचौली में भूस्खलन होने से 15 लोग घायल हो गए थे।
इस हादसे में दो व्यक्तियों व एक खच्चर की भी मौत हो गई है। इसके लिए प्रशासन द्वारा छोटी निलचौली में ड्रोन सर्वे करवाया गया, जिससे कारणों का पता चल सके। इसके अलावा डीडीएमए के इंजीनियरों के पास वाकी टॉकी दिए गए है, जिन्हें पहाड़ी के दूसरे छोर पर तैनात किया गया है।
यह सभी इंजीनियर पहाड़ की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। इसके अलावा घटना की सटीक जानकारी के लिए भूगर्भीय सर्वेक्षण करवाया जा जाएगा। इसके लिए वैज्ञानिकों की टीम भी जल्द पहुंच जाएंगी। पहाड़ी से हुए भूस्खलन की हुई घटना का हर तरह से पता चल सकेगा।