रईस होटल क्षेत्र में भूस्खलन जारी है। तीन घरों को भूस्खलन निगल गया है, जबकि सात और घर खतरे की जद में हैं।
धंस रही पहाड़ी लगातार घरों को अपने आगोश में ले रही है। जीआईसी का खेल मैदान और रईस होटल के ऊपर का एरिया भी अब खतरे में दिखाई दे रहा है। इसे विडंबना ही कहेंगे कि तहसील प्रशासन भूस्खलन को रोकने का अब तक कोई उपाय नहीं कर पाया है। अधिकारियों ने परिवारों को दूसरी जगह पर शिफ्ट करके इतिश्री कर ली है। बुधवार को दिनभर स्थानीय निवासी अपने घरों को तोड़कर निर्माण सामग्री को निकालते रहे।
आवागमन ठप, भगवान से दुआ करो...कोई बीमार न पड़े
कृष्णापुर को जाने वाला मुख्य मार्ग धराशायी होकर बलियानाले में समा गया है। ऐसे में इस रोड से आवागमन करने वाले लोग परेशानी में आ गए हैं। बुधवार को कुछ स्थानीय निवासी भगवान से दुआ करते हुए देखे गए कि उनके घर या परिवार में कोई बीमार न पड़े क्योंकि अगर कोई बीमार हुआ तो उसे अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी होगी।
भाजपा नेता दयाकृष्ण पोखरिया ने बताया कि क्षेत्र की करीब पांच हजार आबादी का आवागमन प्रभावित हुआ है। बिष्ट भवन, गुफा महादेव, तल्ला कृष्णापुर, हाजी चुंगी और मोटापानी क्षेत्र के लोगों को रोड टूट जाने से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों को 16 से 18 किलोमीटर घूम कर अपने घरों तक पहुंचना पड़ रहा है।