टिहरी बांध जलाशय के आसपास बड़ी मात्रा में भूस्खलन हो रहा है, जिससे किसानों की खेती और भवनों को नुकसान पहुंच रहा है।
प्रतापनगर विधायक एवं प्रदेश सरकार में सभा सचिव विक्रम सिंह नेगी की ओर से इस बाबत केंद्रीय ऊर्जा सचिव को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है। पत्र में विधायक ने बताया कि कई घरों में दरारें पड़ चुकी हैं, जिसके चलते लोग खतरे के साये में जीवन जी रहे हैं।
भूस्खलन के प्रभाव मापन के लिए गठित एक्सपर्ट कमेटी ने कई ग्रामों के पुनर्वास की संस्तुति की थी, लेकिन 2010 के बाद कोई पुनर्वास नहीं किया गया। विधायक ने कहा कि बांध के कारण अंतिम प्रभावित प्रतापनगर में आवागमन के साधन नहीं हैं।
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टिहरी बांध की दीवार से वाहनों को गुजारा जा रहा है, लेकिन रात दस बजे के बाद वाहनों को रोक दिया जाता है। अगर रात को कोई इमरजेंसी हो जाए तो दिक्कत आती है। उन्होंने इस मार्ग को 24 घंटे आवागमन के लिए खोलने की मांग की है।