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Iअस्थाई तौर पर विद्यालय के संचालय भवन भी देखा गया थाI
साहिया के जड़वाला में केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि का चयन किया गया था। जड़वाला के ग्रामीणों ने विद्यालय के निर्माण के लिए साढ़े पांच हेक्टेयर भूमि विभाग को दान दी थी। अस्थाई तौर पर जिला पंचायत के विश्राम गृह में विद्यालय के संचालन की स्वीकृति भी मिल गई थी, लेकिन करीब तीन साल बीतने के बाद भी विद्यालय शुरू नहीं हो पाया है।
जौनसार बावर के करीब 100 गांवों का केंद्र साहिया में करीब पांच साल से केंद्रीय विद्यालय शुरू करने की मांग उठ रही है। वर्ष 2018 में स्थानीय लोगों ने विद्यालय के लिए जड़वाला में निशुल्क भूमि देने पर सहमति जताई थी। वर्ष 2020 में तहसील प्रशासन ने भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया था। इसके बाद 58 ग्रामीणों ने भूमि दान दी। डीएम के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने वर्ष 2021 और 2022 में फिर से दो बार भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। यही नहीं भवन निर्माण होने तक अस्थाई तौर पर विद्यालय के संचालन के लिए तत्कालीन एसडीएम ने जिला पंचायत के विश्राम गृह को भी देखा था। इतना सब होन के बाद भी अब तक अस्थाई तौर पर विद्यालय संचालित नहीं हो पाया है। भवन निर्माण का भी कुछ अता-पता नहीं है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जनक सिंह चौहान, भोपाल सिंह, मोहर सिंह ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के लिए मलेथा और पानुवा गांव के किसानों ने भूमि दान दी थी। विद्यालय में पेयजल आपूर्ति के लिए अलसी और सकनी गांव के ग्रामीणों ने हामी भरी थी। क्षेत्रवासी विद्यालय खुलने की बात से खुश थे, लेकिन प्रशासन की सुस्त चाल के चलते लोग मायूस हैं।
Iपूर्व में जनजातीय क्षेत्र की भूमि को विद्यालय के लिए दान को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए जिलाधिकारी की ओर से पत्र आया था। विधिक राय लेकर पत्र का जवाब भेज दिया गया था। जिलाधिकारी के माध्यम से संबंधित से पत्राचार कर मामले में जानकारी मांगी जाएगी। अगर कोई पेंच फंसा है तो उसको दूर किया जाएगा।
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Iहरगिरी गोस्वामी, एसडीएम, कालसीI