सामान के साथ प्रदर्शन करते छात्र
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एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए एक बार फिर सुमाड़ी में संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित भूमि चयन समिति ने सुमाड़ी का स्थलीय निरीक्षण करते हुए प्रस्तावित नक्शों का अध्ययन किया।
वर्ष 2009 में स्वीकृत एनआईटी के वर्तमान में दो स्थानों (श्रीनगर और जयपुर) में अस्थायी कैंपस संचालित हो रहे हैं। छात्रों के आंदोलन के बाद ज्यादातर छात्रों के जयपुर अस्थायी कैंपस में शिफ्ट होने के बाद जागे अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी।
खास बात यह है कि लगभग छह साल पूर्व सुमाड़ी और आसपास के गांवों के लोगों ने लगभग 300 एकड़ भूमि दान दी थी। यहां की जमीन अनुपयुक्त बताकर जलेथा में जगह देखी गई। लेकिन यहां पर्याप्त भूमि नहीं मिल पा रही है। सोमवार को अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक, उत्तराखंड तकनीकी शिक्षा निदेशालय के संयुक्त निदेशक देशराज, अपर जिलाधिकारी राम जी शरण शर्मा और एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी सहित अन्य अधिकारी सुमाड़ी पहुंचे।
टीम ने सुमाड़ी में अधिग्रहीत भूमि का निरीक्षण किया। टीम ने बिल्डिंग प्लान व कंटूर प्लान की जानकारी लेते हुए एनआईटी के अधिकारियों से जरूरतों की विस्तृत जानकारी ली। समिति मंगलवार को भी स्थलीय निरीक्षण करेगी।