पर्यटन विभाग ने अतिक्रमण हटने के बाद दून-मसूरी रोपवे के लिए भूमि चिन्हीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। इस रोपवे का निर्माण पोमा कंपनी करेगी। पर्यावरण विभाग की एनओसी मिलने के बाद शीघ्र ही रोपवे का निर्माण कार्य शुरू होगा।
शनिवार को पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने देहरादून मसूरी रोपवे साइट और हाथीपांव स्थित जॉर्ज एवरेस्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि देहरादून मसूरी रोपवे के लिए पर्यटन विभाग के स्तर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रोपवे निर्माण के लिए पोमा कंपनी के साथ अनुबंध हो चुका है।
देहरादून-मसूरी रोपवे पर्यटन विभाग की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। एक हजार व्यक्ति प्रति घंटे (एक तरफ) की क्षमता वाले इस रोपवे के बनने से पर्यटक राजपुर रोड से मसूरी टैक्सी स्टैंड के बीच की दूरी महज 15 मिनट में तय कर सकेंगे।
इस रोपवे के बन जाने से जहां एक ओर पर्यटकों को सुंदर वादियों को निहारने, रोपवे के रोमांच सफर का आनंद उठा सकेंगे। दून से मसूरी मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
सचिव पर्यटन ने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट में एक कार्टो ग्राफिक संग्रहालय का निर्माण प्रस्तावित है। शीघ्र ही सर्वे ऑफ इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किया जाएगा। जॉर्ज एवरेस्ट में लगभग 24 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। जिसमें पर्यटकों के लिए इको फ्रेंडली लॉग हट्स, मोबाइल टॉयलेट, फूड वैन, ओपन थिएटर और हैरिटेज ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है।