देहरादून में आशियाना बनाने का सपना पालने वालों को भूमाफिया चूना लगा रहे हैं।
जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई लगाकर जमीन खरीदने वालों को आवासीय प्लाट के नाम पर कृषि भूमि बेचकर प्रापर्टी डीलर धोखा कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने अस्सी बीघा कृषि भूमि पर की गई प्लाटिंग को ढहा दिया। इस दौरान प्रापर्टी डीलरों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें खदेड़ दिया।
कृषि भूमि पर भूमाफिया ने काट दिए कई प्लाट
शिमला बाईपास स्थित कारबारी ग्रांट में 80 बीघा कृषि भूमि पर भूमाफिया ने कई प्लाट काट दिए थे। आम लोगों को इन्हें आवासीय प्लाट बताकर बेचा जा रहा था। 150 से अधिक प्लाट की कीमत करोड़ों की बताई जा रही है। प्राधिकरण को शिकायत मिली तो जांच शुरू की गई।
जांच में प्लाटिंग अवैध होने की पुष्टी होते ही प्राधिकरण सचिव बंशीधर तिवारी ने ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए। शनिवार को टीम जेसीबी लेकर पुलिस बल संग मौके पर पहुंची तो पहले से मौजूद प्रापर्टी डीलरों ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। देर शाम तक चली कार्रवाई में प्राधिकरण ने पूरी प्लाटिंग ध्वस्त कर डाली।
मेहूंवाला में कार्रवाई लटकी
कारबारी ग्रांट में अधिक समय लगने के कारण मेहूंवाला में कन्हैयालाल की अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई लटक गई। शनिवार को ही प्राधिकरण टीम को वहां भी ध्वस्तीकरण करना था। सचिव बंशीधर तिवारी ने बताया कि अब मेहूंवाला के लिए नई तारीख तय की जाएगी।
आप तो नहीं बन रहे शिकार
भूमाफिया अकसर ऐसे लोगों को शिकार बनाकर आवासीय के नाम पर कृषि भूमि बेचते हैं, जिन्हें जमीनों के भू उपयोग की जानकारी नहीं होती। लोग महंगे दाम पर जमीन खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में जब मकान बनाने के लिए प्राधिकरण के पास नक्शा जमा किया जाता है तो वह पारित नहीं होता। इसके बाद खरीदार के पास सिवाय पछताने के कोई चारा नहीं बचता। राजधानी में पुलिस के पास ऐसे कई मामले आते हैं।
ऐसे बचें धोखे से
- प्रापर्टी डीलर के रिकार्ड के बारे में जानकारी हासिल करें
- जिस जगह जमीन दिखाई जा रही है, वहां के बारे में पूछताछ करें
- प्राधिकरण से जमीन के भू उपयोग की जानकारी जरूर लें
- सौदा करने से पहले सुनिश्चित करें कि प्लाट आवासीय है
राजधानी में कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूमाफिया अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। प्राधिकरण को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। हम ऐसी प्लाटिंग पर नजर बनाए हुए हैं। शहर को कई सेक्टर में बांटकर सर्वे किया जा रहा है। कई अवैध प्लाटिंग चिह्नित की जा चुकी हैं। सब जगह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। लोगों को भी चाहिए कि जमीन खरीदने से पहले उसके भूउपयोग, वैधता आदि की पूरी तस्दीक कर लें। कोई प्रापर्टी डीलर आवासीय बताकर कृषि भूमि का प्लाट बेचने की कोशिश करे तो प्राधिकरण के पास सीधे शिकायत की जा सकती है।
- बंशीधर तिवारी, सचिव, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण