विधानसभा चुनाव के दौरान भू कानून के बहाने भाजपा ने लैंड जिहाद का मामला भी उठाया। चुनाव दृष्टिपत्र में इसे शामिल किया। लैंड जिहाद के पैरोकार व भू कानून समिति के सदस्य अजेंद्र अजय कहते हैं, पर्वतीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर धर्म विशेष के लोग जमीन खरीद रहे हैं। ये सीमांत और देवभूमि क्षेत्र है। धार्मिक पहलुओं को देखते हुए कानून में अलग से प्रावधान होने चाहिए।
भूमि आवंटित कराई पर उपयोग नहीं किया
भू कानून समिति ने सभी जिलाधिकारियों से वर्ष 2003-04 के बाद विभिन्न प्रायोजनों के लिए आवंटित की गई भूमि का उपयोग और वर्तमान स्थिति का पता लगाने के लिए जिलाधिकारियों से रिपोर्ट भी मांगी। रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ कि जिस उद्देश्य से भूमि ली गई, उसका दूसरा उपयोग कर दिया गया। कई जगह भूमि आवंटित करा ली गई, लेकिन उसे खाली छोड़ दिया गया।
समिति की बैठक शुक्रवार को बुलाई गई है। इस बैठक में समिति की सिफारिशों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट गोपनीय है, इसलिए इसके बारे में कुछ भी बताना संभव नहीं है।
- सुभाष कुमार, पूर्व मुख्य सचिव व अध्यक्ष, भू कानून समिति