चीन सीमा के निकट सैन्य तैनाती बढ़ाने के लिए चमोली की उर्गम घाटी में सेना की चिन्हित 390 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण का मामला लटक गया है। भूमि हस्तांतरण से वन्य जीवों और पर्यावरण की रिपोर्ट तैयार किये जाने के बावजूद प्रस्ताव को स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड में नहीं रखा गया।
सामरिक लिहाज से सेना इस क्षेत्र में स्वतंत्र ब्रिगेड स्थापित करना चाहती है, जिसका प्रस्ताव तीन वर्ष से विचाराधीन है। बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव नहीं आने से सेना को बड़ा झटका है।
चीन सीमा पर भारतीय सेना की स्वतंत्र ब्रिगेड स्थापित करने लिए उर्गम घाटी में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के जिस क्षेत्र में भूमि चाहिए वहां घने पेड़ों के जंगल हैं। वन विभाग ने बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान को देखते हुए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी।