कई जगह प्लांटेशन के काम पर पानी फिरा
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के रुद्रपुर रेंज में पौधरोपण हुआ पर इस क्षेत्र में जलभराव होने से प्लांटेशन को नुकसान पहुंचा है। इसी तरह चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज में रुद्राक्ष के पौधों को लगाया गया था वे बर्बाद हो गए। तराई पश्चिम वन प्रभाग के बन्नाखेड़ा रेंज में चूनाखान नाले से वन क्षेत्र में भारी कटाव हुआ है। जौलासाल रेंज में कालेरिया नदी का जलस्तर बढ़ने से जंगल में क्षति हुई। गड़प्पू में बौर नदी ने काफी भू-कटाव किया है, जिससे जैव विविधता को नुकसान पहुंचा है। डीएफओ हरिद्वार स्वप्निल अनिरुद्ध कहते हैं कि भू-कटाव से श्यामपुर, चिड़ियापुर रेंज में जंगल को नुकसान हुआ है। इसके अलावा वन मोटर मार्ग को क्षति हुई है।
उत्तरकाशी : 120 हेक्टेयर आरक्षित वन को नुकसान
उत्तरकाशी। जनपद के धराली और हर्षिल सहित यमुनाघाटी में आई आपदा के कारण वन संपदा को भारी क्षति पहुंची है।
हालांकि इन क्षेत्रों में शीतकाल में होने वाली बर्फबारी से भूस्खलन का खतरा कुछ हद तक कम हो जाता है, लेकिन भविष्य में इसके दोबारा होने की संभावना बनी हुई है। गंगोत्री रेंज अधिकारी यशवंत चौहान ने बताया कि अगस्त में आई आपदा से धराली और हर्षिल के आरक्षित वन क्षेत्र में करीब 100 से 120 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 1500 से 1800 तक छोटे-बड़े पेड़ भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। चौहान ने कहा कि यह केवल एक प्रारंभिक आकलन है। अधिकारी ने आगे बताया कि जल्द ही पूरे आरक्षित वन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा जिसके बाद नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। आपदा के दौरान एक प्लांटेशन को भी नुकसान पहुंचा है जिसका भी आकलन किया जा रहा है।
जनपदवार वन क्षेत्र (वर्ग किमी में)
| जिला |
अति घना |
मध्यम घना |
खुले वन |
कुल वन क्षेत्र |
वन क्षेत्र का % |
| अल्मोड़ा |
262.24 |
817.89 |
642.83 |
1,722.96 |
54.80% |
| बागेश्वर |
267.75 |
741.21 |
676.42 |
1,685.38 |
56.38% |
| चम्पावत |
342.65 |
1,521.23 |
1,264.31 |
3,128.19 |
59.06% |
| चमोली |
427.59 |
1,512.13 |
1,219.30 |
3,158.93 |
33.89% |
| देहरादून |
588.94 |
1,849.84 |
1,364.50 |
3,803.28 |
59.06% |
| हरिद्वार |
86.49 |
582.96 |
360.45 |
1.029.90 |
36.12% |
| नैनीताल |
780.03 |
1,524.17 |
866.55 |
3,170.75 |
53.12% |
| पौड़ी |
580.49 |
1,243.32 |
926.55 |
2,750.36 |
69.06% |
| पिथौरागढ़ |
586.44 |
1,184.94 |
892.47 |
2,663.85 |
67.93% |
| रुद्रप्रयाग |
272.76 |
582.17 |
286.35 |
1,141.28 |
51.79% |
| टिहरी |
305.87 |
1,149.08 |
708.18 |
2,162.13 |
61.03% |
| यूएसनगर |
157.69 |
216.42 |
120.06 |
494.17 |
19.44% |
| उत्तरकाशी |
816.81 |
1,251.63 |
651.96 |
2,720.40 |
45.44% |
नोट : आंकड़े भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट 2023 के हैं।
वनावरण में वृद्धि- वर्ष 2021 की भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वनावरण 24,305.13 वर्ग किमी पाया गया। वहीं 2023 की रिपोर्ट के अनुसार वनावरण 24,303.83 वर्ग किमी पाया गया। दो वर्षों की अवधि में वनावरण में 1.3 वर्ग किमी की कमी पायी गई है।