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एशियन जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में लक्ष्य सेन ने भारत को 53 साल बाद दिलाया खिताब

Mon, 23 Jul 2018 08:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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लक्ष्य सेन
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जकार्ता में चल रही एशियन जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप-2018 में लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया के खसन रुम्बये को करारी शिकस्त दी और गोल्ड अपने नाम किया।

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उत्तराखंड के अल्मोड़ा में रहने वाले लक्ष्य सेन ने एकल वर्ग के फाइनल में थाईलैंड के कुंलावुत वितिद्सर्न को सीधे सेटों में 21-19 व 21-19 से हराया। बता दें कि सेमीफाइनल मुकाबले में लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया के खसन रुम्बये को करारी शिकस्त दी और फाइनल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। लक्ष्य सेन प्रतियोगिता में भारतीय दल के कप्तान भी हैं।

शनिवार को एशियन जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप का सेमीफाइनल मुकाबला भारत के लक्ष्य सेन व इंडोनेशिया के खसन रुम्बये के बीच हुआ। मैच में लक्ष्य ने 21-7, 21-14 अंकों के साथ खसन को पराजित किया और फाइनल में प्रवेश किया। रविवार को फाइनल मैच लक्ष्य सेन व थाईलैंड के कुलावुत वितिद्सर्न के बीच हुआ। लक्ष्य ने सीधे सेटों में कुलावुत वितिद्सर्न को 21-19 व 21-19 से हराकर खिताब जीत लिया। 

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देश को 53 साल बाद दिलाया एकलवर्ग का खिताब

lakshya sen
जकार्ता (इंडोनेशिया) में चल रही एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय शटलर अल्मोड़ा निवासी लक्ष्य सेन ने एकलवर्ग का खिताब जीत लिया है।

एकलवर्ग में 53 साल बाद भारत को यह खिताब मिला है। लक्ष्य एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप के एकल वर्ग का खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं।  इससे पूर्व 1965 में गौतम ठक्कर ने यह खिताब जीता था। लक्ष्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उत्तरांचल स्टेट बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार के अलावा सभी पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है।

सीएम ने दी लक्ष्य सेन को बधाई
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एशियन जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने पर लक्ष्य सेन को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य ने न केवल उत्तराखंड बल्कि भारत का नाम खेल की दुनिया में रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य सेन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन की कामना की है। एशियन जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप की पुरुष एकल स्पर्धा में भारत को यह स्वर्णिम गौरव 53 वर्ष बाद प्राप्त हुआ है। 
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