अब राजधानी देहरादून में महिलाएं अपने दम पर अपनी और परिवार की जिंदगी संवारेगी। ये संभव होगा सरकार की ओर से संचालित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना से।
योजना के तहत छह महिलाओं को परिवहन विभाग के झाझरा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक आईडीटीआर की कामर्शियल वाहन चलाने की निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। विभाग की ओर से दी जा रही इस ट्रेनिंग का खर्च मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड कंपनी उठाएगी। महिलाओं को वाहन चलाना और यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विगत दिनों सरकार ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के तहत महिलाओं को शहर में टैक्सी चलाने के लिए टैक्सी खरीद में सब्सिडी देने का ऐलान किया था। प्रथम चरण में पांच महिलाओं को टैक्सी खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
योजना में महिलाओं की रुचि देखने के बाद इसकी संख्या को बढ़ाया जा सकता है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार से इंस्टीट्यूट में महिला मुस्कान, मधु, रीना, सुनीता शर्मा, लक्ष्मी और जहान आरा खान की ट्रेनिंग शुरू हो गई। ट्रेनिंग के पहले दिन महिलाओं में गजब का उत्साह दिखा। उनका कहना था कि वो स्वयं परिवार का खर्च वहन कर सकेंगी।
40 घंटे की विशेष ट्रेनिंग
इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च आईडीटीआर झाझरा के उप निदेशक आशीष शुक्ला ने बताया कि व्यवसायिक प्रशिक्षण में 15 घंटे की प्रेक्टिकल ट्रेनिंग का प्रावधान है, लेकिन महिलाओं को 40 घंटे की विशेष ट्रेनिंग दी जायेगी। जिसमें महिलाओं को प्रेक्टिकल के अतिरिक्त सड़क सुरक्षा के नियम, गाड़ी का रखरखाव और सॉफ्ट स्किल की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।