दूरस्थ बालिंग गांव में सोमवार रात जंगली मशरूम खाने से एक मजदूर की मौत हो गई जबकि छह की हालत गंभीर बनी हुई है। बीमार मजदूरों को मंगलवार शाम धारचूला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है।
एसडीएम आरके पांडे ने बताया कि ठेकेदार चंद्र सिंह और अतुल सिंह इन दिनों बालिंग के पास सड़क बनवा रहे हैं। इस काम में लगे नेपाली मजदूर बालिंग के पास टेंट लगाकर रहते हैं। सोमवार रात इन लोगों ने जंगल से लायी गई मशरूम की सब्जी खा ली।
भोजन करने के कुछ ही देर बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी तो उन्होंने बालिंग गांव के लोगों को जानकारी दी। बालिंग गांव के लोग आईटीबीपी जवानों की मदद से सभी बीमार मजदूरों को पैदल करीब दो किलोमीटर दूर पंगावे तक लाए। वहां पर सड़क बंद होने के कारण उनको डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
सूचना मिलने पर एसडीएम, तहसीलदार आईबी मल्ल, थाना प्रभारी ध्यान सिंह एसडीआरएफ के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि अस्पताल लाते समय नेपाल के हुती निवासी कमलापति (60) पुत्र कुच्या भट्ट ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
बीमार शंकर राम (24) पुत्र लछी राम, गोविंद साही (30) पुत्र हंस राम साही, जगत विश्वकर्मा (32) पुत्र धन बहादुर सभी निवासी हिकला नेपाल, गणेश चंद (32) पुत्र महेश चंद, मुन्ना क्षेत्री (38) पुत्र भोला क्षेत्री निवासी महेंद्रनगर नेपाल, खगेंद्र लोहार (27) पुत्र संग्राम लोहार निवासी हुती नेपाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एमएस जायसवाल ने बताया कि यदि मशरूम का जहर किडनी तक पहुंच गया होगा तो सभी बीमारों को जिला अस्पताल भेजना पड़ेगा। मजदूरों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पहाड़ पर कुदरती तौर पर होने वाले मशरूम में से कुछ जहरीले भी होते हैं। डॉ. जायसवाल के अनुसार ऐसे जंगली मशरूम का प्रयोग किसी दशा में नहीं करना चाहिए। पेट में पहुंचने के बाद मशरूम का जहर पाचनतंत्र, हृदय, किडनी को प्रभावित कर देता है।