अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि कुंभ किसी संस्था या व्यक्ति के कहने-बोलने से नहीं होता। उन्होंने बैरागियों के आरोपों को दरकिनार करते हुए कहा कि मत अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी एक परिवार के सदस्य हैं। कुंभ अपनी अवधि तक होना चाहिए। परंपराओं से खिलवाड़ ठीक नहीं है। विधि-विधान से पूजन और अनुष्ठान होने चाहिए। इन सबके बीच कोविड से बचाव भी बेहद जरूरी है।
सरकार की गाइडलाइन का सख्ती से पालन और संतों एवं श्रद्धालुओं को जागरूक कराया जाना जरूरी है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के स्वास्थ्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शनिवार को वह एम्स से हरिद्वार पहुंच जाएंगे। बैरागियों की ओर से लगाए संन्यासी अखाड़ों से कोरोना फैलने के आरोपों पर महंत ने कहा कि जहां कोविड जांच होगी, वहीं से मरीज भी आएंगे। जांच नहीं होगी तो नहीं आएंगे।
26 मई के बाद हरिद्वार छोड़ेंगे संत
जूना अखाड़े के महंत नारायण गिरि ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ में अभी चार स्नान बाकी हैं। जूना अखाड़ा 26 मई तक कुंभ मनाएगा। कुंभ की अपनी परंपराएं हैं, जिसका संत पालन करेंगे। कुंभ किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि हजारों, करोड़ों हिंदुओं की आस्था का उत्सव है। अखाड़े के संत कुंभ अवधि पूरी होने के बाद ही हरिद्वार से जाएंगे। कोविड से बचाव के लिए संतों की जांच कराई जा रही है। कोरोना की गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। कोविड जांच की रिपोर्ट आने तक संत आइसोलेट हैं।