प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में किन्नर अखाड़े को फर्जी बताए जाने पर किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कड़ी निंदा की है। आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि सबको साथ लेकर चलने से ही समाज और मनुष्य का विकास होता है। बदलाव दृष्टि का नियम है। अखाड़ा परिषद को भी अपनी सोच बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किन्नर सनातनी हैं। अपनी आवाज उठाने और हक मांगने में सक्षम हैं।
आचार्य महामंडलेश्वर ने अखाड़ा परिषद के बयान का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि 2019 के प्रयागराज कुंभ में 13 अखाड़े और किन्नर अखाड़े के बीच बहुत मतभेद थे। जूना अखाड़े ने वाद-विवाद खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद के कुछ लोग किन्नरों को समाज की मुख्य धारा से जुड़ने से रोड़ा अटका रहे हैं।
किन्नरों का स्वागत करने के बजाय कटाक्ष करने का मौका ढूंढते हैं। ऐसे लोगों को कुएं के मेंढक की तरह नहीं सोचना चाहिए और विचारधारा बदलनी चाहिए। आचार्य महामंडलेश्वर ने उम्मीद जताई है कि 2021 के कुंभ में उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार किन्नर अखाड़े को सुविधाएं मुहैया कराएगी।
कांग्रेस ने कुंभ की तैयारी को लेकर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। शनिवार को कांग्रेस भवन में मीडिया से मुखातिब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार 900 करोड़ से भी कुंभ का सफल आयोजन कराने में सक्षम नहीं है। कुंभ की पहचान सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है।
पहले इसके लिए करीब 4500 करोड़ रुपये तय किए गए थे। बाद में कोरोना की आड़ लेकर सरकार ने इसका बजट कम कर दिया। सरकार को केंद्र से सहायता नहीं मिल पाई है। इसमें भी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। यह आरोप कांग्रेस नहीं बल्कि खुद भाजपा के केंद्रीय मंत्री लगा रहे हैं।
स्कूल यूनिफार्म न देने पर सवाल उठाया
सरकारी स्कूलों में छात्रों का यूनिफार्म और किताब न मिलने पर भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने नाराजगी जताई। प्रीतम ने कहा कि प्रदेश सरकार अनिर्णय का शिकार हो गई है। वह छोटे-छोटे फैसले भी नहीं कर पा रही है।
प्रदेश सरकार ने कुंभ के सभी काम तय समय पर होने का दावा किया है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि अस्थाई कामों को पूरा करने की डेडलाइन 31 जनवरी तय की गई है।
विधानसभा में मीडिया से मुखातिब मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुंभ के लिए सड़क, पुल और अंडरपास आदि का निर्माण कराया जा रहा है। सरकार ने तय किया है कि कुंभ की अधिसूचना जारी होने से पहले ही निर्माण कार्यकाल पूरे करा लिए जाएंगे। कुंभ के लिए टेंट कालोनी भी बनाई जा रही है।
मंत्री के मुताबिक सभी कार्यदायी संस्थाओं को कहा गया है कि इस तरह से काम करें कि दो माह की अवधि मेें काम पूरा हो जाए और उन्हें भुगतान भी दो माह की अवधि का ही होगा। मुख्य कुंभ से पहले सभी काम पूरे हो जाएंगे और लगातार इसकी निगरानी भी की जा रही है। कुंभ के निर्माण कार्य को लेकर सरकार को लगातार विपक्ष के हमले का सामना करना पड़ रहा है।