इन अधिकारियों के माध्यम से अखाड़े संतों की सुरक्षा के लिए बात करते रहेंगे। बैठक के बाद श्री महंत हरि गिरि ने बताया कि देश में जिस तरह का माहौल है, उसे देखते हुए कुंभ की सुरक्षा बड़ा विषय रहेगा। कुंभ का मुख्य उपादान अखाड़े होते हैं। लिहाजा मेला पुलिस को हर स्तर पर साधु संतों को सुरक्षा उपलब्ध करानी पड़ेगी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि से लेकर अखाड़ों के 26 साधु संतों को मिलने वाली सुरक्षा व्यवस्था का खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी। यही नहीं, कुंभ मेले के दौरान अखाड़ों की छावनियों पर भी पुलिस फोर्स का पहरा रहेगा। इसकी जिम्मेदारी भी कुंभ मेला पुलिस की होगी।
वाईश्रेणी में पांच पुलिसकर्मी शामिल होते हैं। एक सुरक्षाकर्मी अत्याधुनिक हथियार से लैस अध्यक्ष और महामंत्री के साथ अखाड़े से बाहर आने जाने के दौरान तैनात रहेगा जबकि चार पुलिसकर्मी उनके निवास यानी अखाड़े पर राउंड द क्लॉक तैनात रहेंगे।
आईजी कुंभ संजय गुंज्याल के अनुसार, कुंभ के दौरान ही साधु संतों को सुरक्षा दी जाएगी। अखाड़ों की छावनियों में भी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध रहेंगे।