कुलदीप नैयर के अनुसार वे उस कालेज के छात्र थे और सवाल जवाब के बीच उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना से पूछा था कि बंटवारा होने पर दोनों देशों के संबंध कैसे होंगे। तब उन्होंने कहा कि ये छोटे और बड़े भाई की तरह होंगे, एक दूसरे के सुख दुख के साथी बनेंगे। कुछ छात्रों के सवालों के जवाब में जिन्ना ने यहां तक कहा कि यदि कोई तीसरा देश हिंदुस्तान पर हमला कर देता है तो पाकिस्तान की सेना आगे बढ़कर हिंदुस्तान के लिए लड़ेगी।
हरिद्वार में हुई इस गोष्ठी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे और भारत पाकिस्तान को लेकर नैय्यर जी की चिंता और सभी ने सहमति भी जताई थी। प्रेस क्लब पूर्व अध्यक्ष सुनील दत्त पांडे और डा. रजनीकांत शुक्ला ने बताया कि कुलदीप नैय्यर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर बेहद ही गंभीर थे।
वह हमेशा दोनों देशों के बीच बेहतरी चाहते थे। पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कुलदीप नैयर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि वह दुनिया में कलम सशक्त प्रहरी के रूप में भारत-पाक प्रतिनिधित्व करते थे। प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर पीएस चौहान और आदेश त्यागी ने भी कुलदीप नैयर को कलम का धनी बताते हुए उनके निधन पर शोक जताया।