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Kotdwar: रिखणीखाल में आतंक का पर्याय बना दूसरा बाघ भी हुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

Tue, 04 Jul 2023 11:42 AM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार

सार

सोमवार को वन कर्मियों की टीम बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए तैनात की गई थी। जिसके बाद देर रात गाड़ियों पुल के पास बाघ को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया।
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बाघ को पकड़ने के बाद टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोटद्वार के रिखणीखाल विकासखंड में आतंक का पर्याय बने दूसरे बाघ को भी पकड़ लिया गया है। जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। एक बाघ को 26 अप्रैल को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया था। तब से उसका साथी दूसरा बाघ इस क्षेत्र में लगातार घूम रहा था। जिससे लोगों में दहशत का माहौल था। 

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डीएफओ गढ़वाल स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि सोमवार को वन कर्मियों की टीम बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए तैनात की गई थी। जिसके बाद देर रात गाड़ियों पुल के पास बाघ को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया। अब टीम ने उसे कॉर्बेट पार्क भेज दिया गया है।  

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बाघ प्रभावित इलाके के स्कूलों में 65 प्रतिशत रही उपस्थिति

रिखणीखाल ब्लॉक के बाघ प्रभावित इलाके के स्कूलों में सोमवार को 65 फीसदी बच्चे ही उपस्थित रहे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के स्कूलों में बच्चों को छोड़ने और ले जाने के लिए अभिभावक खुद लगे हुए हैं। दूरदराज के रास्तों वाले स्कूलों में बच्चों को भेजने में लोग खतरा महसूस कर रहे हैं। डल्ला और लड्वासैंण से गाडियूंपुल के पास जूनियर हाईस्कूल में बच्चे नहीं आ रहे हैं।
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