10 वर्ष के नर गुलदार का एक दांत टूटा
- फोटो : अमर उजाला
दुगड्डा के पास गोदी बड़ी गांव में मासूम बच्ची का हत्यारा गुलदार गुरुवार को पिंजरे में कैद हो गया। 10 वर्ष के नर गुलदार का एक दांत टूटा हुआ है। रेंज अधिकारी किशोर नौटियाल ने गुलदार के पिंजरे में तड़के 4 बजे कैद होने की जानकारी दी।
शनिवार की देर शाम को गोदी बड़ी गांव में एक चार साल की बच्ची आकांक्षा को गुलदार ने मार दिया था। रविवार को वन विभाग ने गांव में गुलदार की लोकेशन जानने के लिए पांच ट्रैप कैमरे और इसके साथ ही दो पिंजरे भी लगाए।
वन कर्मियों को गांव के आसपास गुलदार के फुट प्रिंट भी नहीं दिखाई दे रहे थे। गुलदार के नहीं पकड़े जाने के कारण लोगों में गुलदार की दहशत व्याप्त थी।
लैंसडौन वन प्रभाग से सटे गांवों में गुलदार की दहशत
लैंसडौन वन प्रभाग की सीमा से सटे 31 क्षेत्रों में गुलदार की दहशत है। जंगलों में आग की बढ़ती घटनाओं के कारण अब गुलदार आबादी की ओर धमक रहे हैं। गुलदार बच्चों को आसान शिकार मानकर उन पर हमले कर रहे हैं। लोग गुलदार के खतरे के साए में हैं। गत दो माह में दो बार बच्चों पर हमला होने से लोग दिन ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
43327.60 हेक्टेयर वन भूमि मेें कोटद्वार, दुगड्डा, लैंसडौन, कोटड़ी और लालढांग रेंज में फैले लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल में गुलदार की संख्या अधिक है। दुगड्डा और लैंसडौन रेंज के जंगलों में इन दिनों आग लगी हुई है, जिससे निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार की धमक बनी हुई है।
कोटद्वार रेंज के सनेह क्षेत्र में दो साल से सोलर तारबाड़ खराब है, जिसके कारण जंगल से निकलकर गुलदार आसानी से आबादी में धमक रहे हैं। डीएफओ दीपक कुमार सिंह ने बताया कि गुलदार प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वन कर्मियों को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।