हिंदी भाषा में पूछने पर उसने स्वयं को बांग्लादेशी बताया। टीम ने युवक से पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज दिखाने को कहा तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। युवक ने स्वयं को अनपढ़ बताया और मजदूरी करने के लिए कोटद्वार में आना बताया। पूछताछ से व्यक्ति बांग्लादेशी और उसकी नागरिकता संदिग्ध प्रतीत होने पर टीम उसे पकड़कर थाने ले आई। कोतवाली में पूछताछ के दौरान युवक ने स्वयं को बांग्लादेश का नागरिक बताते हुए अपनी पहचान फारूख हसन (43) पुत्र नियाकत अली निवासी जाधवपुर, जिला चुआडांगा, बांग्लादेश बताई।
आरोपी ने बताया कि वह बेनापोल बाॅर्डर को अवैध रूप से पार कर भारत आया है और वह मजदूरी की तलाश में बृहस्पतिवार शाम को हरिद्वार लालढांग होते हुए कोटद्वार पहुंचा। कोतवाल रमेश तनवार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारत में बिना पासपोर्ट, वीजा के अवैध रूप से प्रवेश करने, भारत में अवैध रूप से निवास करने के मामले में उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 व पासपोर्ट इंट्री इन टू इंडिया एक्ट 1920 की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।