ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन टेस्ट देना होता है। हालांकि मौजूदा समय के हिसाब से ऑनलाइन टेस्ट सरल है। सामान्य यातायात संकेतों की जानकारी होने पर भी टेस्ट को आसानी से पास किया जा सकता है। टेस्ट देने वाले 80 फीसदी युवा पास भी कर रहे हैं, केवल 20 फीसदी ऐसे जो फेल होने के बाद दूसरी बार आवेदन करते हैं। युवाओं के मुकाबले अधिक उम्र के लोगों को यातायात संकेत की जानकारी कम होती है। ऐसे में 50 फीसदी लोग ही पहली बार में टेस्ट पास कर पाते हैं।एआरटीओ प्रशासन मनीष तिवारी बताते हैं कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट 15 नंबर का होता है। टेस्ट को पास करने के लिए नौ नंबर लाने होते हैं। मौजूदा समय के हिसाब से यह टेस्ट बेहद सरल होता है। इसमें अगर सामान्य यातायात संकेतों की जानकारी भी होगी तो टेस्ट को पास किया जा सकता है। इनमें ट्रैफिक लाइट, सड़क संकेत, स्टॉप संकेत, निर्देशात्मक चिह्न, चेतावनी चिह्न, सड़क मार्किंग, केंद्र रेखाएं, क्रासवॉक, निषेधात्मक संकेत, स्कूल, अस्पताल, रेल क्रासिंग संकेत आदि शामिल होते हैं। एआरटीओ प्रशासन मनीष तिवारी बताते हैं कि एक बेहतर चालक बनने और सुरक्षित रूप से यात्रा करने की दृष्टि से हमें अधिक से अधिक यातायात संकेत याद रखने चाहिए। कम यातायात संकेतों को याद रख परीक्षा पास की जा सकती है, लेकिन दुर्घटना की आशंका को केवल संकेतों की पूरी जानकारी से कम किया जा सकता है।