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चारधाम यात्राः कहां रुकें, कैसे जाएं, पढ़िए

Sun, 04 May 2014 01:00 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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शुक्रवार को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा की विधिवत शुरुआत हो चुकी है। चार मई को केदारनाथ और पांच मई को बदरीनाथ के कपाट खुलने हैं।
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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आपदा के चलते कुछ दुश्वारियां हैं, लेकिन जीएमवीएन ने यात्रियों के लिए कुछ खास इंतजाम किए हैं।

गौरीकुंड से केदारनाथ तक मुफ्त लंगर होंगे, जबकि ठहराव के लिए टेंट की व्यवस्था है। यात्रा से पहले सेहत की जांच और पूरी जानकारी जान लेना बेहद जरूरी है।

यमुनोत्री कैसे पहुंचे और कहां ठहरें

यमुनोत्री तक पहुंचने के लिए जानकी चट्टी तक मोटर मार्ग है। यहां से मंदिर पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर पैदल या घोड़ा, कंडी से जाना होगा।

कैसे पहुंचे: नजदीकी एयरपोर्ट जौलीग्रांट की दूरी ऋषिकेश से 18 किमी और देहरादून से 24 किमी है। नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून हैं। यहां से बस, टैक्सी और जीएमवीएन की बसों से जानकीचट्टी पहुंच सकते हैं।

दूरी: ऋषिकेश से यमुनोत्री की दूरी 250 किलोमीटर, जबकि देहरादून से 292 किमी है।

रहने की व्यवस्था:
ऋषिकेश: यमुनोत्री मार्ग पर जगह-जगह गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के अलावा निजी होटल हैं। कई जगह धर्मशालाएं भी हैं। जानकी चट्टी में जीएमवीएन का गेस्ट हाउस भी हैं।

गंगोत्री जाना है तो ऐसे जाएं

हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून से गंगोत्री एक दिन में पहुंचा जा सकता है।

कैसे पहुंचे: नजदीकी एयरपोर्ट जौलीग्रांट।

रेलवे स्टेशन : ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून। ऋषिकेश से दूरी 248 किलोमीटर है।

रहने की व्यवस्था : गंगोत्री मार्ग पर चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी, भैरोघाटी और गंगोत्री में जीएमवीएन के गेस्ट हाउस हैं। कई निजी होटल, आश्रम और धर्मशालाएं भी।

जाना है केदारनाथ तो पढ़िए ये प्लान

निकटतम हवाई अड्डा जौलीग्रांट (ऋषिकेश)। निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार, ऋषिकेश, कोटद्वार और देहरादून। पिछली बार आपदा से केदारनाथ की यात्रा पर संशय बना हुआ है। गौरीकुंड तक सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है।

दूरी: कोटद्वार से 260 किलोमीटर, ऋषिकेश से 234 किलोमीटर। आपदा से पहले गौरीकुंड से 14 किमी पैदल या घोड़े, कंडी से केदारनाथ मंदिर पहुंचा जा सकता था। अब यह दूरी करीब बीस किमी हो गई है।

ठहरने की व्यवस्था : ऋषिकेश, मुनिकी रेती, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गौरीकुंड, उखीमठ आदि स्थानों पर जीएमवीएन के गेस्ट हाउस हैं। ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कुंड और गुप्तकाशी में बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति की धर्मशालाएं हैं।

लंगर की व्यवस्था: केदारनाथ, मिनचौली, भीमबली और जंगलचट्टी में जीएमवीएन लंगर लगा रहा है। गौरीकुंड में जीएमवीएन के गेस्ट हाउस हैं। केदारनाथ और मिनचौली में 25-25 टेंट लगाए गए हैं।

बदरीनाथ जाना है तो ये है रूट प्लान

नजदीकी एयरपोर्ट जौलीग्रांट (देहरादून)। नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश, कोटद्वार।

दूरी: ऋषिकेश  से 297 किलोमीटर और कोटद्वार से 327 किलोमीटर।

ठहरने की व्यवस्था : ऋषिकेश, देवप्रयाग, पौड़ी, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गौचर, जोशीमठ आदि जगहों पर जीएमवीएन और निजी गेस्ट हाउस हैं। चमोली, पिपलकोटी, जोशीमठ और बद्रीनाथ में मंदिर समिति की धर्मशालाएं हैं।

चारों धामों के लिए ऋषिकेश, देहरादून, कोटद्वार और हरिद्वार से निजी टैक्सी, बस और ट्रैकर आदि उपलब्ध हैं। जीएमवीएन भी पैकेज टूर पर बस और टैक्सी से यात्रा कराता है।

इन धामों पर जाने का क्या है किराया?

निजी वाहन :
टैक्सी, ट्रैकर : देहरादून से चार धाम यात्रा के लिए ट्रैकर में दस सवारी की बुकिंग 30 हजार से 32 हजार रुपए। प्रति सवारी 3200 रुपए। टैक्सी या कार से चार धाम 20 हजार से 32 हजार रुपए तक।

यमुनोत्री : एक दिन का ट्रैकर से पांच हजार रुपए बुकिंग। प्रति सवारी लगभग पांच सौ रुपए। टैक्सी या कार से पांच हजार से सात हजार रुपए तक।

गंगोत्री: ट्रैकर से पांच हजार रुपए बुकिंग। प्रति सवारी पांच सौ रुपए। पांच से सात हजार रुपए तक।
केदारनाथ: ट्रैकर से प्रति सवारी छह सौ रुपए। कार से सात हजार से दस हजार रुपए।
बदरीनाथ: ट्रैकर से प्रति सवारी सात सौ रुपए। कार से आठ हजार से दस हजार रुपए।
जीएमवीएन के टूर पैकेज: नॉन एसी बस (ट्रांसपोर्टेशन, ठहराव और गाइड)
ऋषिकेश-केदारनाथ और बदरीनाथ-ऋषिकेश: 9770 रुपए प्रति यात्री।
ऋषिकेश-चार धाम: 16280 प्रति यात्री।
ऋषिकेश से बदरीनाथ ऋषिकेश: 8340 रुपए प्रति यात्री
आनलाइन बुकिंग और अधिक जानकारी के लिए जीएमवीएन की अधिकृत वेबसाइट: 222.द्दद्व1ठ्ठद्य.ष्शद्व पर लॉग इन कर सकते हैं।
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सेहत की जांच के बाद ही जाएं चार धाम

बुजुर्ग, बच्चे और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग फिलहाल चार धाम यात्रा पर जाने से परहेज करें। अभी चार धाम में ठंड ज्यादा है। गर्म कपड़ें भी साथ ले जाएं। चार धाम यात्रा मार्गों पर जगह-जगह सरकारी और निजी अस्पताल हैं।

मदद मांगें: चार धाम यात्रा में मौसम, सड़क की स्थिति आदि की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर: 0135-1364 पर संपर्क करें। आपात स्थिति में पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर 100 और एंबुलेंस के लिए 108 नंबर डायल करें।

यात्रा सुचारु चले इसके हर संभव प्रयास हो रहे हैं। केदारनाथ के लिए कई टीमें काम में जुटी हैं। एसएल सेमवाल महाप्रबंधक (पर्यटन), जीएमवीएन
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