दिल्ली की सरकार उत्तराखंड के पानी को फ्री में दे सकती है तो प्रदेश सरकार भी जनता को निशुल्क पानी दे। उन्होंने कहा कि ईंधन के सारे कार्य जंगल से पूरे होते थे। लिहाजा गैस सिलिंडर हर महीने निशुल्क मिलना चाहिए। जड़ी बूटियों के दोहन का अधिकार स्थानीय समुदाय को दिया जाना चाहिए।
जंगली जानवर किसी को घायल करता है मार देता है तो 25 लाख मुआवजा और सरकारी मिले। वन अधिकार अधिनियम 2006 को लागू किया जाए। उत्तराखंड को प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ ग्रीन बोनस दिया जाए।
उन्होंने तिलाड़ी कांड के शहीदों के सम्मान में 30 मई को वन अधिकार दिवस घोषित करने की भी मांग की। इस मौके पर डॉ. उमादत्त शर्मा, गुड्डू प्रजापति, संजीव लोचन, बालेश्वर सिंह, कैप्टन सुभाष उपाध्याय, वेदप्रकाश, संजय वर्मा, सुरेंद्र शर्मा, नाथूराम शर्मा, रतेंद्र तिवारी, अनुज सैनी, धर्मराज चौहान, राजेंद्र वर्मा, संजय कर्णवाल, केपी तोमर, मनोज सैनी, जगमेर सिंह, विशाल उपस्थित थे।