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पूर्व CM खंडूड़ी को लेकर कांग्रेसी नेता किशोर उपाध्याय का विवादित बयान, जानिए क्या बोले

Thu, 02 Nov 2017 10:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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विवादास्पद बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने अब जनरल बीसी खंडूड़ी पर निशाना साधा है। उन्होंने पूर्व सीएम खंडृड़ी को लेकर बड़ी बात कह दी।
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उन्होंने कहा कि खंडूड़ी बहुत भाग्यशाली हैं कि बगैर राजनीतिक अनुभव के वह सांसद व मुख्यमंत्री तक बन गए। हेमवती नंदन बहुगुणा उनकी मदद नहीं करते तो वह मेजर जनरल भी नहीं बन पाते।

किशोर यहीं नहीं रुके। उन्होंने केंद्र सरकार पर रक्षा से जुड़े पदों का राजनीतिकरण का आरोप लगाया। किशोर ने यह विवादास्पद बयान एक पत्रकार वार्ता में पूछे गए प्रश्न के जवाब में दिया।
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किशोर ने यह पत्रकार वार्ता नोटबंदी के विरोध में कांग्रेस का विरोध दर्ज करने को लेकर बुलाई थी। मगर जब जनरल खंडूड़ी लोकसभा का चुनाव न लड़ने के संबंध में दिए गए एक बयान पर उनसे पूछा गया तो मुद्दा जनरल पर केंद्रित हो गया।
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दो-दो राजधानी बनीं तो सबसे पहले विरोध करूंगा

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधा कहा कि जनरल खंडूड़ी का कोई राजनीतिक अनुभव नहीं था। वह बड़े भाग्यशाली हैं कि उन्हें राजनीति में बड़ा स्थान मिला। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी मेजर जनरल भी नहीं बन पाते यदि हेमवती नंदन बहुगुणा उनकी मदद नहीं करते।

यह पूछे जाने पर कि क्या सेना में भी सिफारिश चलती है, किशोर ने जवाबी सवाल दागा कि ऐसा कहां नहीं होता। अलबत्ता उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बारे में कहा कि वह अपनी योग्यता से ऊंचाई पर पहुंचे। इससे पूर्व उन्होंने कहा कि नोटबंदी के विरोध आठ नवंबर को काला दिवस मनाया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी को तय करना है कि इसमें विपक्षी दलों को शामिल करना है कि नहीं।

दो-दो राजधानी बनीं तो सबसे पहले विरोध करूंगा
किशोर उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में दो-दो राजधानी बनाई गई तो इसका सबसे पहला विरोध उनका होगा। ये फैसला सीमित संसाधनों वाले राज्य के हितों पर कुठाराघात होगा। उन्होंने भाजपा पर राजधानी का मसला उलझाने का आरोप लगाया।

किशोर ने प्रदेश सरकार से राज्य स्थापना दिवस पर चार जिलों की घोषणा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूर्व में इनका शासनादेश किया था। भाजपा संगठन में जिले घटाए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया। कहा कि ऐसा करना बेमानी है।   
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