दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के क्रम में उत्तराखंड में गुरुवार को जगह-जगह रेल का चक्का जाम किया गया।
कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों ने रुड़की रेलवे स्टेशन पर रेल का चक्का जमा किया। किसानों का कार्यक्रम चार घंटे तक रेलवे ट्रैक पर डटे रहने का था, लेकिन चमोली में आई आपदा के चलते करीब डेढ़ घंटे बाद एएसडीएम को ज्ञापन सौंपकर किसान लौट गए। इससे पहले किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले बोलते हुए प्रदर्शन किया।
गुरुवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), उत्तराखंड किसान मोर्चा, राष्ट्रीय किसान-मजदूर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दोपहर करीब 12.30 बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां पहले से ही मौजूद भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगा दी थी। किसानों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई।
किसान नारेबाजी करते हुए पुलिस का घेरा तोड़कर रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ गए और रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इस दौरान भाकियू (टिकैत) के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, उकिमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़, भाकियू (टिकैत) के जिला प्रवक्ता राकेश लोहान, किसान-मजदूर संगठन के पद्म सिंह भाटी और विकास सैनी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार कोरोना काल में गुपचुप तरीके से किसान विरोधी तीन कानून लाई है।
इसके विरोध में तीन महीने से देश का किसान दिल्ली की सड़कों पर है और केंद्र सरकार हर वक्त साजिश रच रही है कि किस तरीके से किसानों के आंदोलन को बदनाम किया जाए। किसान केंद्र की साजिश को समझ चुका है और जब तक कानून वापस नहीं होते, पीछे नहीं हटेगा। इस दौरान किसानों ने चमोली जिले में आई आपदा में मारे गए लोगों के लिए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इसके बाद एएसडीएम पूरण सिंह राणा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त कर दिया गया। रुड़की से सहारनपुर के बीच बलियाखेड़ी में भी किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम किया था। लिहाजा सहारनपुर से हरिद्वार आ रही श्री गंगानगर एक्सप्रेस को आधे घंटे के लिए रोकना पड़ा।
ये रहे मौजूद
रवि कुमार, मास्टर कंवरपाल, सुक्रमपाल, धर्मेंद्र, बबलू राठी, ऋषिपाल, उमेश प्रधान, मोहम्मद आजम, सुरेंद्र लंबरदार, आकिब हसन, रविंद्र त्यागी, दीपक पुंडीर, दुष्यंत कुमार, नरेंद्र कुमार, सुधीर, मोनू, ज्ञानचंद, वीरेंद्र सैनी, धर्मेंद्र कुमार, राजकुमार, सतवीर सिंह, ओमकार आदि।