किसान नेता विजय शास्त्री ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून लागू किए हैं, जिनका किसान विरोध कर रहे हैं। ये कानून किसानों को खत्म करने वाले हैं। सरकार पूंजीपतियों के दबाव में किसानों की बलि चढ़ाना चाहती है, लेकिन सरकार की मंशा को किसी भी सूरत में पूरा नहीं होने दिया जाएगा।
भानु गुट के किसान नेता फुरकान अली और अंबावत के नेता अभिषेक सैनी ने कहा कि सरकार ने किसानों को निराश किया है। किसानों ने एक उम्मीद के साथ भाजपा को सत्ता तक पहुंचाया, लेकिन कुर्सी मिलते ही सरकार पर पूंजीपतियों ने कब्जा कर लिया है, लेकिन अब किसान किसी भी तरह के शोषण को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। किसानों की मांग नहीं मानी जाती है तो उग्र आंदोलन होगा।
इधर, मुआवजे के लिए किसानों का धरना जारी
भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने मंडावली गांव में दूसरे दिन भी धरना जारी रखा। यहां किसान नेशनल हाईवे के निर्माण के दौरान अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा नहीं मिलने के कारण धरना दे रहे हैं। इस दौरान जिलाध्यक्ष विकेश बालियान ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारी तानाशाही रवैया अपना रहे हैं।
किसानों की सुध लेने के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जल्द ही मुआवजा न मिला तो किसान आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान प्रदीप प्रधान, वीर सिंह, आजाद वीर, संजय कुमार, जय कुमार, महाराज सिंह, गयूर हसन, साकेत मलिक आदि मौजूद रहे।
किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुकटी देवरिया के टोल प्लाजा पर दो घंटे वसूली बंद कराने के बाद धरना दिया। उन्होंने लोगों से 14 दिसंबर को जिला मुख्यालयों में होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। कहा कि वे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दिल्ली जाकर किसान आंदोलन में शामिल होंगे।
देवरिया टोल पर पहुंचे किसानों ने सुबह 11 बजे टोल पर वसूली रुकवा दी। धरना चलने तक वाहन बेरोकटोक आते जाते रहे। सभी लाइनों के बैरियर खुले रहे। टोल के प्रबंधक राहुल शर्मा ने बताया कि रोकी गई वसूली से लगभग एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, प्रशासन ने टोल पर सुबह ही बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात करवा दिया था।
इधर खटीमा से मिली जानकारी के मुताबिक पहेनिया टोल पर पुलिस अलर्ट रही। यहां किसान नेता प्रकाश तिवारी ने कहा कि क्षेत्र के किसान आंदोलनकारी किसानों के साथ हैं लेकिन उन्होंने टोल प्लाजा फ्री करने के निर्णय से खुद को अलग रखा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में रविवार को किसानों का एक जत्था दिल्ली के लिए रवाना होगा।
हल्द्वानी डिपो के एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने रामपुर के पास भोट में हाईवे पर शनिवार को जाम लगा दिया। इससे रोडवेज प्रबंधन ने जाम में फंसीं बसों को वाया केमरी होकर बुलाया। इसके बाद किसानों ने केमरी में भी जाम लगा दिया। इसके बाद रोडवेज बसें वाया बाजपुर-दोराहा होते हुए हल्द्वानी पहुंचीं। जाम के कारण यात्रियों को दो-दो घंटे तक परेशानी का सामना करना पड़ा।