26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर रैली में शामिल होने के लिए रविवार को उत्तराखंड के जसपुर से किसान दिल्ली रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने ग्राम शिवराज पट्टी में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वहीं, रुद्रपुर में सामाजिक कार्यकर्ता ओंकार सिंह ढिल्लों साइकिल से ही दिल्ली रवाना हो गए। ढिल्लों लगभग 225 किलोमीटर यात्रा साइकिल से ही करेंगे। इससे पहले भी वे ईवीएम मशीन को बैन करने की मांग को लेकर लगभग 6300 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी हठधर्मिता के कारण इन बिलों को वापस नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि वो किसान नहीं है और उनके पास ट्रेक्टर नहीं है। लेकिन फिर भी वे किसानों के समर्थन हैं। इसलिए वे साइकिल से ही जा रहे हैं।
26 जनवरी को ऐतिहासिक होगी ट्रैक्टर रैली
कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में शिरकत करने कांग्रेस नेत्री शिल्पी अरोड़ा गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गई। उन्होंने किसानों के साथ भैंसा गाड़ी में बैठकर कानूनों का विरोध किया। कहा कि केंद्र सरकार इस आंदोलन में पंजाब के किसानों के शामिल होने की बात कह रही है। लेकिन हकीकत यह है कि देश के कोने-कोने से किसान आंदोलन में पहुंच रहा है। हर राज्य से बड़ी संख्या में महिलाएं भी किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच रही हैं।
जसपुर से तीन ट्रैक्टर लेकर दिल्ली रवाना हुए किसान
कृषि कानूनों के विरोध में गणतंत्र दिवस पर प्रस्तावित किसान परेड में शामिल होने के लिए ग्राम शिवराजपुर पट्टी और जगतपुर पट्टी से तीन ट्रैक्टर ट्रॉली में खाद्य सामग्री लेकर किसान दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के सदस्यों ने भी किसानों से संपर्क कर उन्हें परेड में शामिल होने के लिए जागरूक किया। सोमवार को भी परेड में शामिल होने के लिए किसान रवाना होंगे। भाकियू के जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि शिवराज सिंह पट्टी, जगतपुर पट्टी ग्रामों से जसविंदर सिंह, जरनैल सिंह, कुलदीप सिंह, सुखजीत सिंह, गुरबचन सिंह, मनप्रीत सिंह, सिमरजीत सिंह, बलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, मनजीत सिंह, पलविंदर सिंह, आदि किसान खाद्य सामग्री लेकर तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियों में रविवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। सोमवार को वह भी अन्य किसानों के साथ दिल्ली जाएंगे। इधर, मुख्तियार सिंह, इंद्रपाल सिंह, शीतल सिंह बड़वाल, दीदार सिंह, जागीर सिंह आदि किसानों को परेड में भाग लेने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
किसानों के समर्थन में सल्ट के पीतांबर पैदल ही दिल्ली रवाना
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में धरना दे रहे किसानों को समर्थन में अल्मोड़ा जिले के सल्ट निवासी पीतांबर पैदल ही दिल्ली रवाना हो गए हैं। सल्ट विधानसभा क्षेत्र के शीशुखाल गांव निवासी पीतांबर जोशी ने शनिवार सुबह छह बजे अपने गांव से पैदल यात्रा शुरू की। हाथ में तिरंगा और किसान समर्थन का पोस्टर लिए पीताबंर रविवार दोपहर काशीपुर पहुंचे। उन्होंने बताया कि किसान अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं। अभी तक 70 किसान अपनी शहादत दे चुके हैं, इससे उसका मन दुखी है। सरकार को जगाने के लिए उन्होंने पैदल यात्रा करने का निर्णय लिया। यह भी बताया कि आज तराई का ही नहीं पहाड़ का किसान भी परेशान है।
सल्ट विधानसभा की बात करें तो वहां की करीब 90 प्रतिशत जमीन बंजर पड़ी है। गो वंशीय पशुओं को लोगों ने सड़कों पर छोड़ दिया है। और वन्य जीवों ने लोगों के घरों पर डेरा जमा लिया है। गांवों का पलायन रोकने और बंजर होती जमीन को बचाने के लिए सरकार व उसके प्रतिनिधि कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बना पा रहे हैं। रामनगर पहुंचने पर आप नेता शिशुपाल सिंह रावत ने उनका स्वागत भी किया। पीतांबर ने बताया कि यात्रा में उन्हें किसानों का सहयोग मिल रहा है किसान ही उनके भोजन आदि की व्यवस्था कर रहे हैं। दिल्ली के गाजीपुर बार्डर पहुंचकर वह किसानों के धरने में शामिल होंगे।