एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज तीसरी अदालत ने शनिवार को सजा सुनाई
दस साल पहले हुई बेबी नाम की किन्नर के मर्डर में दो को आजीवन कारावास व 65000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज तीसरी अदालत ने शनिवार को सजा सुनाई।
सरकारी वकील जीके जोशी ने नौ गवाह पेश किए। गवाहों द्वारा दिए गए बयान के आधार पर अदालत ने सजा का एलान किया। अदालत ने इस मामले में किन्नर की दोस्त और ड्राईवर को दोषी करार दिया था। अदालत ने सजा के लिए 23 सितंबर की तारीख मुकर्रर की थी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 24 मई 2007 को साथी किन्नर सारिका और ड्राईवर सुरेश ने सूचना दी थी कि प्रेमनगर निवासी किन्नर बेबी एक माह पहले पंजाब घूमने गई थी। इसके बाद वापस नहीं आई है। पुलिस जांच में सारिका और सुरेश की भूमिका संदिग्ध लगी थी।
उनसे कड़ाई से पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों ने 11 मार्च को लाखों के जेवरात लूटने के बाद किन्नर बेबी की हत्या कर शव आवास में गड्ढा खोदकर दबा दिया था। सुरेश और सारिका की निशानदेही पर लूटे गए करीब एक किलो सोने व दो किलो चांदी के जेवर बरामद किए।
पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर शव और लूटे गए जेवरात बरामद किए थे। मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय अजय चौधरी की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता जेके जोशी द्वारा 9 गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था।