विकासनगर। सर्दियों में इजाफा होने के साथ ही आसन कंजरवेशन रिजर्व (रामसर साइट) में रंग-बिरंगे विदेशी परिंदों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है लेकिन, आसन का राजा कहे जाने वाले प्लाश फिश ईगल ने अब तक इस साइट से दूरी बनाई हुई है। जिससे पक्षी प्रेमी निराश हैं। बीते दो सालों में प्लाश फिश ईगल को आसन का वातावरण खासा पंसद आया था। यही कारण था कि अमूमन अकेला नजर आने वाला यह परिंदा यहां कभी जोड़े के रूप में नजर आया तो कभी वह गर्मियां शुरू होने के बाद भी आसन बैराज झील के आसपास उड़ता नजर आया लेकिन, इस साल अब तक इस परिंदे की आमाद दर्ज नहीं हो सकी है। जिससे पक्षी प्रेमी खासा निराश है। वन विभाग को उम्मीद है कि सर्दियों में इजाफा होने के साथ ही यह परिंदा फिर से यहां पर नजर आ सकता है।
सिर्फ 2499 प्लाश फिश ईगल हैं शेष
विकासनगर। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजरवेशन ऑफ नेचर(आईयूसीएन) की वर्ष 2019 में पब्लिश रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व में इस प्रजाति के सिर्फ 2499 ही पीक्ष जीवित हैं। ऐसे में इस पक्षी के भविष्य को लेकर अक्सर पक्षी विशेषज्ञ चिंतित रहते हैं। ऐसे में बीते साल के आसपास जोड़े के रूप में नजर आने के बाद पक्षी प्रेमियों को उम्मीद थी कि इस साल जब यह परिंदा वापिस झील में लौटेगा तो इसके परिवार में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी लेकिन, इसके उल्ट अब तक यह परिंदा झील के आसपास नजर नहीं आया है। संवाद
माइग्रेटेड पक्षी है प्लाश फिश ईगल
विकासनगर। अमूमन मध्य एशिया में पाया जाने वाला प्लाश फिश ईगल एक माइग्रेटेड पक्षी है जो सर्दियां आते ही उत्तरी भारत और पारस की खाड़ी का रुख करने लगता है। इन्हीं संकटग्रस्ट 2499 पक्षियों में से एक प्लाश फिश ईगल हर साल आसन बैराज झील पर भी पहुंचता था। संवाद
तीन किलो तक होता है वजन
विकासनगर। नर प्लाश फिश ईगल लंबाई में 84 सेमी तक लंबा होता है। जिसके पंखों का फैलाव करीब 215 सेमी तक होता है। मादा प्लाश फिश ईगल वजन करीब तीन किलो होता है जबकि, नर प्लाश फिश ईगल करीब सात किलो का होता है। अमूमन यह भोजन की तलाश में झील के आसपास नजर आता है। यह एक बार में छह किलो तक की मछली को अपने पंजों में जकड़ कर उड़ान भर सकता है।
झील में परिंदों की संख्या 3500 के पार
विकासनगर। वन बीट अधिकारी और पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सेना ने बताया कि आसन कंजरवेशन रिजर्व में अब तक 31 प्रजातियों के 3500 से अधिक पक्षी अपना प्रवास स्थल बना चुके हैं। जैसे-जैसे ठंड में इजाफा होगा इन मेहमान परिंदों की संख्या भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जाएगी। यह परिंदे हजारों मील की दूरी तय कर प्रवास पर आसन कंजरवेशन रिजर्व में पहुंचते हैं। इसके साथ ही डाकपत्थर बैराज झील भी इन दिनों सुर्खाब से गुलजार नजर आ रही है।
ये परिंदें पहुंचे प्रवास पर
विकासनगर। झील में अब तक स्पॉट बिल्ड डक, कॉमन कारमोरेंट, लिटिल इगरेट, किंगफिशर, इंडियन कॉरमोरेंट, कॉमन मोरहेन, व्हाईट ब्रिस्टेड वाटर हेन, रेड नेबड आईबिस, गेडवेल, कॉमन टील, लिटिल इगरेट, पिड किंगफिशर, रेड शेंक, ग्रीन शेंक, रुडी शेलडक, ब्लैक विंग स्टिल्ट, ग्रे लेग गूज, नॉर्थन शूवेलर, कॉमन कूट, कॉब डक, कॉमन पोचॉर्ड, रीवर लेपविंग, रेड वाटर लेड लैपविंग, नाइट हेरोन, नार्थन पिनटेल प्रजाति के 3500 से अधिक परिंदे प्रवास पर पहुंच चुके हैं।
आसन बैराज में मौजूद प्लाश फिश ईगल। फाइल फोटो- फोटो : VIKAS NAGAR