बीरोंखाल ब्लाक के देवकुंडई गांव में गुलदार के एक बच्चे को मार डालने के बाद ग्रामीणों की मांग पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के निर्देश दिए हैं। गुलदार को ढेर करने के लिए शिकारी दल देवकुंडई गांव के लिए रवाना हो गया है।
रविवार को देवकुंडई गांव में शाम के छह बजे ग्रामीण बलवंत सिंह की पत्नी ज्योति देवी घर से 200 मीटर दूर स्थित गोशाला में दूध दुह रही थी। उनका नौ वर्षीय बेटा अनिकेत पास ही खेल रहा था। तभी गुलदार ने बच्चे को मार डाला। घटना के बाद रविवार रात गांव में पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
वन कर्मियों ने ग्रामीणों को शांत करने के लिए गांव में पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण गुलदार को मारने की जिद्द पर अड़े रहे। प्रभारी रेंज अधिकारी बीएल आर्य ने इसकी सूचना गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत को दी।
डीएफओ की संस्तुति पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक उत्तराखंड ने गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए मारने के निर्देश दिए हैं। डीएफओ ने बताया कि गुलदार को मारने के आदेश उनके पास पहुंच गए हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए देवकुंडई गांव के लिए पौड़ी से शिकारी अजहर को अपनी टीम के साथ गांव के लिए रवाना कर दिया गया है।