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उत्तराखंडः देवकुंडई गांव में फिर दिखा गुलदार, ग्रामीणों में दहशत, बच्चे नहीं गए स्कूल 

Tue, 10 Dec 2019 10:15 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
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- फोटो : अमर उजाला
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रविवार शाम को बीरोंखाल ब्लाक के देवकुंडई गांव में गुलदार द्वारा मासूम बालक अनिकेत की मौत के बाद  एक बार फिर से गांव के नजदीक खेतों में गुलदार दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना को देखते हुए गढ़वाल वन प्रभाग भी अलर्ट हो गया है। उसने गांव में गुलदार से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए दस वन कर्मियों को तैनात कर दिया है। गुलदार की दहशत के चलते बच्चे घरों में कैद हो गए हैं वे डर के मारे सोमवार को स्कूल नहीं गए। 

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रविवार शाम को गोशाला में अपनी मां के साथ गए नौ साल के बच्चे अनिकेत पर गुलदार ने हमला कर दिया था, जिसमें बच्चे की मौत हो गई थी। सोमवार का सुबह गांव के पास खेत में गुलदार की धमक से ग्रामीणों दहशत में हैं। उन्होंने वन विभाग से उनके बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगाई। 

ग्राम प्रधान यशपाल सिंह ने बताया कि सोमवार को लोगों ने गांव के पास खेत में गुलदार को देखा, तब से गांव के लोग डरे हुए हैं। बच्चे घरों में कैद हैं, वे डर के मारे स्कूल नहीं गए। वन कर्मी गांव की गश्त कर रहे हैं, लेकिन लोगों के मन से गुलदार का खौफ नहीं जा रहा है। 
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उधर, प्रभारी रेंज अधिकारी पोखड़ा बीएल आर्य ने बताया कि रविवार रात को छह वन कर्मी रात भर गावं की गश्त करते रहे। सोमवार को चार अन्य वन कर्मियों को ग्रामीणों की सुरक्षा में लगाया गया है। गुलदार को शूट करने के आदेश आने तक गांव में वन कर्मियों की तैनाती जारी रखी जाएगी। 

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देवकुंडई गांव का गुलदार आदमखोर घोषित

बीरोंखाल ब्लाक के देवकुंडई गांव में गुलदार के एक बच्चे को मार डालने के बाद ग्रामीणों की मांग पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के निर्देश दिए हैं। गुलदार को ढेर करने के लिए शिकारी दल देवकुंडई गांव के लिए रवाना हो गया है। 

रविवार को देवकुंडई गांव में शाम के छह बजे ग्रामीण बलवंत सिंह की पत्नी ज्योति देवी घर से 200 मीटर दूर स्थित गोशाला में दूध दुह रही थी। उनका नौ वर्षीय बेटा अनिकेत पास ही खेल रहा था। तभी गुलदार ने बच्चे को मार डाला। घटना के बाद रविवार रात गांव में पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।

वन कर्मियों ने ग्रामीणों को शांत करने के लिए गांव में पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण गुलदार को मारने की जिद्द पर अड़े रहे। प्रभारी रेंज अधिकारी बीएल आर्य ने इसकी सूचना गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत को दी।

डीएफओ की संस्तुति पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक उत्तराखंड ने गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए मारने के निर्देश दिए हैं। डीएफओ ने बताया कि गुलदार को मारने के आदेश उनके पास पहुंच गए हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए देवकुंडई गांव के लिए पौड़ी से शिकारी अजहर को अपनी टीम के साथ गांव के लिए रवाना कर दिया गया है। 
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