देहरादून किडनी कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने किडनी रैकेट चलाने वाले डॉक्टर अमित को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती दोपहर बाद प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की पूरी जानकारी देंगी। जानकारी के मुताबिक किडनी रैकेट आरोपी डॉक्टर अमित को पंचकूला हरियाण से गिरफ्तार किया गया है। वहीं आरोपी बेटा अक्षय अभी भी फरार है।
वहीं गरीबों की किडनी निकालकर दुबई और ओमान के विदेशियों को ट्रांस प्लांट करने वाले गिरोह के सरगना डॉ. अमित के सहयोगी जगदीश को पुलिस ने सूरत से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर शनिवार रात तक देहरादून पहुंचेगी।
जगदीश लगातार डॉ. अमित से फोन पर संपर्क में था
SSP Nivedita Kukreti
सूत्रों के मुताबिक जगदीश लगातार डॉ. अमित से फोन पर संपर्क में था। किडनी रैकेट में उसका क्या रोल था, यह पूछताछ के बाद ही सामने आ पाएगा। उधर अक्षय के संभावित ठिकानों पर देर रात कार्रवाई चलती रही।
देहरादून-हरिद्वार मार्ग पर लाल तप्पड के गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल की आड़ में किडनी की खरीद-फरोख्त का काला धंधा उजागर होने के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी है। छह टीमें मुंबई, सूरत, गुड़गांव, हरियाणा, दिल्ली में डेरा डाले हुए थी।
पुलिस ने किडनी कांड के मास्टर माइंड डॉ. अमित की आपराधिक कुंडली तैयार कर ली है। पुलिस ने 1993 से लेकर 2017 तक उसके अपराधों को सूचीबद्ध किया है। कप्तान निवेदिता कुकरेती के मुताबिक मुंबई के बाद 1995 में डॉ. अमित के खिलाफ जयपुर के सौदाला क्षेत्र में तीन एफआईआर दर्ज की गई थी।
2000 में आंधप्रदेश और दिल्ली में उसके खिलाफ अंग प्रत्यारोपण के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। 2006 में दिल्ली के निजामूद्दीन, 2011 में चंडीगढ़ और ईडी द्वारा अभियोग पंजीकृत कराए। 2008 में फर्जी पासपोर्ट मामले में गाजियाबद में मुकदमा हुआ। 2013 में गुड़गांव में वह दबोचा गया था।