किडनी कांड की जांच में जुटी पुलिस हरियाणा में रहने वाली डॉ. अमित उर्फ संतोष की तीसरी गर्लफेंड तक पहुंच गई।
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उसने भी अमित के कई बड़े राज पुलिस को बताए हैं, क्योंकि वह उसके साथ कई बार विदेश यात्रा कर चुकी है। यह भी पता चला है कि डॉ.अमित इन दिनो चौथी गर्लफेंड के संपर्क में है। पुलिस उससे मिली जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
किडनी कांड में शामिल किरदारों की धरपकड़ को पुलिस की छह टीमें देश के कई हिस्सों में अपना जाल बिछाए हुए हैं। डॉ.अमित की कुंडली खंगालने के बाद पुलिस हरियाणा में रहने वाली उसकी तीसरी गर्ल फ्रेंड के ठिकाने तक पहुंच गई है।
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रिश्तों से लेकर विवाद तक की पूरी कहानी बता दी
पुलिस से बेबाकी से की बात
इस महिला ने पुलिस से बेबाकी से बात कर शुरू के रिश्तों से लेकर विवाद तक की पूरी कहानी बता दी। पुलिस को बताया गया है कि वह काफी समय अमित के संपर्क में रही। यहीं नहीं उसके साथ कई विदेश यात्राएं भी की हैं।
वर्ष 1993 में मुंबई के किडनी कांड के बाद वह नेपाल भाग गया था। उसने डॉ.अमित के कामकाज और विदेशों तक फैले नेटवर्क के बारे में पुलिस को विस्तार से जानकारी दी है। यह भी बताया कि डॉ.अमित कहां-कहां छुप सकता है।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि इस महिला का डॉ.अमित से करीब एक साल पहले एक प्रॉपर्टी को लेकर ब्रेकअप हो गया था। इस प्रॉपर्टी पर दोनों ही दावेदारी जता रहे थे। बातचीत में डॉ.अमित के बारे में काफी कुछ जानकारियां मिली हैं, जिन पर काम चल रहा है।
टूरिस्ट वीजा होने से पकड़ में नहीं आए ओमान के शेख
kidney stolen
ओमान के शेखों के टूरिस्ट वीजा पर आने के कारण पुलिस को उनका सुराग नहीं लग पा रहा है। आशंका है कि पासपोर्ट और वीजा नंबर न होने के कारण वो आसानी से भारत से निकल गए हैं, क्याेंकि भारत आगमन पर उनका किसी तरह का रिकार्ड नहीं होता है।
नेचर विला रिजॉर्ट ने 14 दिन ठहरने वाले इन विदेशियों की लोकल इंटेलीजेंस को जानकारी देने की जहमत न उठाने का पूरा फायदा शेखों को मिला है, अन्यथा अब तक वो कानूनी शिकंजे में होते और पूरे खेल से पर्दा उठा चुका होगा।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक विदेशों से बिजनेस, रोजगार, पढ़ाई आदि का वीजा लेकर भारत आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकार्ड दर्ज होता है, मगर टूरिस्ट वीजा पर आने वालों का कोई रिकार्ड नहीं होता है। इनका रिकार्ड संबंधित जिले में ठहरने के दौरान ही दर्ज होता है। ओमान के चार शेख भी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। यह चारों 28 अगस्त से लेकर 10 सितंबर तक लालतप्पड़ स्थित नेचर विला रिजॉर्ट में ठहरे थे।
जब किडनी कांड खुला तो ओमान के चार विदेशियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई
kidney racket expose in gangotri charitable hospital
नियमानुसार रिजॉर्ट संचालक को लोकल पुलिस को इसकी जानकारी उपलब्ध करानी थी, मगर ऐसा न होने के कारण उनके पासपोर्ट और वीजा का रिकार्ड नहीं मिल सका। 10 सितंबर की रात जब किडनी कांड खुला तो ओमान के चार विदेशियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
इसी रात यह विदेशी भी फुर्र हो गए। पुलिस ने उनके लुक आउट नोटिस जारी तो किए, मगर पासपोर्ट और वीजा नंबर न होने के कारण उनका सुराग नहीं लगा। चार दिन बीतने के बावजूद ओमान के शेखों की भारत में मौजूदगी का पता नहीं चल पाया है।
अब माना जा रहा है कि वह भारत की सीमा से बाहर निकल चुके हैं। अब तक की जांच में ये ही आया है कि वेस्ट बंगाल की महिला समेत दो लोगों की किडनी निकालकर इन्हीं विदेशियों को ट्रांसप्लांट की गई है। खुफिया तंत्र अब फोरनर एक्ट के तहत नेचर विला रिजॉर्ट तंत्र पर कार्रवाई में जुटा है।