बता दें कि प्रीत विहार रुद्रपुर निवासी अमित मिश्रा वार्ड 21 से कांग्रेसी पार्षद हैं। वे हाल ही में घर में दुकान का किराया वसूलने की बात कहकर निकले थे। लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचे। उनकी मां का कहना था कि बेटे का देर शाम को फोन आया और उसने मोबाइल स्विच ऑफ था।
इसके बाद न तो बेटा घर आया न उसका मोबाइल नंबर मिला। तभी उनके फोन पर एक फोन आया, जिसमें अज्ञात बदमाशों ने पार्षद को जिंदा छोड़ने के एवज में 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पार्षद की मां की तहरीर पर कोतवाल केसी भट्ट ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था।
इसके बाद से ही एसओजी की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर पार्षद की खोज में लगी हुई थीं। पुलिस इसमें स्थानीय युवक के शामिल होने का भी अंदेशा जता रही थी।