किच्छा में प्रागफार्म की जमीन पर सेंट्रल जेल बनाने की कवायद तेज हो गई है। कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग ने जेल के निर्माण के लिए 202 करोड़ रुपये के आगणन की डीपीआर तैयार कर गृह सचिव को भेजी है। डीपीआर स्वीकृत होते ही जेल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। जेल में पुरुषों के अलावा महिला कैदियों को भी रखा जाएगा।
शासन ने किच्छा में सेंट्रल जेल बनाने के लिए किच्छा प्रागफार्म की रचपुरा स्थित 40 एकड़ राजस्व भूमि को बीते वर्ष सितंबर में कारागार विभाग को हस्तांतरित कर दिया था। आईजी जेल डा. पीवीके प्रसाद प्रस्तावित जेल की भूमि का निरीक्षण भी कर चुके हैं। करीब 2800 कैदियों की क्षमता वाली इस जेल का निर्माण कराने के लिए सितारगंज सिंचाई खंड को कार्यदायी संस्था बनाया गया।
सिंचाई विभाग के अनुसार, सेंट्रल जेल में प्रशासनिक दफ्तर, 14 पुरुष बैरक, दो महिला बैरक, पांच हाई सिक्योरिटी बैरक, दो एकांतवास, एक अस्पताल, किचन, एक संवेदनशील कमरा, एक प्रतीक्षालय, मल्टी परपज हॉल, बेकरी, गोदाम, फ्लोर मिल, फैक्ट्री, दो स्कूल, एक सर्किल ऑफिस, 16 शौचालय, एक संतरी पोस्ट, एक आर्मरी, चेकपोस्ट, धार्मिक स्थल, आवासीय कालोनी, पार्किंग, पुलिस चौकी, प्ले ग्राउंड आदि का निर्माण होगा।
इसके अतिरिक्त मिनी जेल भी बनाई जाएगी। मिनी जेल में पांच पुरुष बैरक, सर्किल ऑफिस, पांच शौचालय, सर्किल वॉल, डिवाइड वॉल व एक किचन बनाया जाएगा। विभाग की माने तो सेंट्रल जेल 2022 तक बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगी और फिर प्रदेश की अन्य जेलों से लाकर यहां कैदियों को रखा जाएगा।
किच्छा सेंट्रल जेल का निर्माण कराने के लिए शासन को 202 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही जेल के निर्माण का काम चालू करा दिया जाएगा।
- एससी रमोला, ईई, सिंचाई खंड सितारगंज