उत्तराखंड में करीब तीन माह से खुशियों की सवारी के वाहनों का संचालन न होने से इनमें जंक लगने लग गया है। विभाग की हालत यह है कि पहले सीएमओ स्तर पर संचालन का निर्णय लिया लेकिन, इन्होंने तीन माह बाद हाथ खड़े कर दिए। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया की बात सामने आई, लेकिन यह अभी तक पूरी नहीं हो पाई। इसका नतीजा यह हुआ कि कई वाहन कंडम हो गए। जिनकी अब नीलामी की तैयारी की जा रही है।
गौरतलब है कि 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी का संचालन जीवीके कंपनी करती थी। मार्च 2019 में इस कंपनी से यह दोनों सेवाएं ले ली गईं थी। 108 को एक माह बाद कैंप कंपनी को दे दिया था, लेकिन खुशियों की सवारी पर कोई फैसला नहीं हुआ। उस समय महानिदेशालय ने युक्ति सुझाई थी कि इसका संचालन जिले के सीएमओ के स्तर पर किया जाए। लेकिन, सीएमओ भी इसमें फेल हो गए। तीन माह तक यह इसके नुकसान-फायदे के गुणा-भाग में लगे रहे।
इसके बाद सीएमओ ने हाथ खड़े किए तो संचालन के लिए फिर से टेंडर जारी करने की बात हुई। पिछले माह की शुरूआत में टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन अभी तक भी पूरी नहीं हो पाई है। अब इनके वाहनों की हालत भी खराब होने लग गई है। विभाग के अनुसार 24 वाहन कंडम श्रेणी में पहुंच गए हैं, अब इनकी नीलामी होगी। ऐसे में नई कंपनी को ये वाहन किराए पर दिए जाएंगे या नए खरीदे जाएंगे इस पर फैसला नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रविंद्र थपलियाल का कहना है कि टेेंडर प्रक्रिया जुलाई अंत तक पूरी होगी।