पुलिस ने आर्मी का जवान बनकर ऑनलाइन स्कूटी बेचने के नाम पर ठगी करने वाले खान गैंग का पर्दाफाश कर दिया। गैंग के चार सदस्यों को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार कर कई मोबाइल फोन, सिम और फर्जी आईडी बरामद की हैं। आरोपियों ने यहां रानी पोखरी के अलावा शहर के तीन लोगों से ठगी की बात स्वीकार की है। गिरोह का सरगना शहरून खान अभी फरार बताया गया है।
एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि जिले में फेसबुक पर दिए गए विज्ञापन के आधार पर स्कूटी बेचने के नाम पर कई लोगाें से ठगी की घटनाएं सामने आई थीं। इसके लिए एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। मोबाइल नंबर और बैंक खातों के आधार पर साक्ष्यों का संकलन किया गया। पता चला कि आनलाइन ठगी करने वाला गैंग राजस्थान में सक्रिय है। रानी पोखरी थाना प्रभारी पीडी भट्ट और उप निरीक्षक कुंदनराम की अगुवाई में पुलिस टीम को राजस्थान भेजा गया। पुलिस टीम ने 13 अगस्त को अलवर से साकिर निवासी केसरोली, नरेंद्र जाटव निवासी नंगली राजावत, अफजल खान निवासी डाढ़ा और राहुल खान निवासी डाढ़ा को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से ठगी में प्रयुक्त किए गए चार मोबाइल के अलावा काफी संख्या में डेबिट कार्ड, आईडी, सिम, आधार कार्ड आदि बरामद किए गए हैं। गिरोह के सरगना की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल भी इस दौरान मौजूद रहे।
खाते में रकम लेने पर नौ प्रतिशत
पुलिस हिरासत में साकिर का कहना था कि ठगी के मास्टर माइंड के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वे तो सिर्फ कमीशन पर काम करते थे। बैंक खाते में रकम स्थानांतरित होने पर वे नौ प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित कर देते थे। राहुल का कहना था कि उसका काम एटीएम से रकम निकालना था। साकिर ने मुर्गी फार्म खोला हुुआ है।
चार मामलों का खुलासा
देहरादून। पुलिस ने खान गैंग के चार सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद चार मामलों के खुलासे का दावा किया है। इनमें रानी पोखरी निवासी गिरिश चंद भट्ट से 27500 रुपये की स्कूटी देने के नाम पर 70 हजार रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। इसी तरह गिरोह के सदस्याें ने पटेलनगर क्षेत्र में एक लाख 71, डालनवाला क्षेत्र में 45500 और कैंट क्षेत्र में 45880 रुपये की ठगी की बात स्वीकार की है।