इस लिहाज से उत्तराखंड भी संवेदनशील है। इस तरह के इनपुट से देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले की पुलिस को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सिख आतंकवाद के दौर में हुई घटनाओं में शामिल रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटाने को कहा गया है।
कई आरोपी जमानत पर बाहर हैं, उनकी दिल्ली अथवा रुड़की आदि इलाकों में होने की सूचनाएं है। खुफि या तंत्र के अधिकारियों ने बताया कि खालिस्तानी समर्थक आंदोलन को हवा देने के लिए सोशल मीडिया का भी प्रयोग कर सकता है। इसलिए इस पर ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि पुलिस विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि यह नियमित कार्रवाई है। खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर कोई विशेष जानकारी नहीं है।